प्यार और इश्क़ से भरा एक अनोखा पैगाम

प्यार और इश्क़ से भरा एक अनोखा पैगाम

प्यार क्या है ? 

एक एहसास जिसको हम सदियों से जीते आ रहे है, कुछ लोग अपनी महबूब / महबूबा के लिए, तो कुछ अपनी माँ के आँचल में प्यार को ढूंढ लेते है, तो कुछ अपने दोस्तों में और कुछ लोग अपनी हसरत या ख्वाइशों में प्यार ढूंढ लेते है, तो नाम एक है पर इसके रूप अनेक हैं ।

आज मैं इस लेख से प्यार और इश्क़ के वो रूप से अवगत करवाऊंगा जिसको शायद आज की नौजवानों को सीखना चाहिए….

पुराने ज़माने में इश्क़ और प्यार हम एक बार करते थे और उन्हीं के साथ जीवन भर साथ निभाते थे और माँ और बाप तो उस प्यार की वो कड़ी होते थे जिनका कोई मोल नहीं कर सकता था क्योंकि उनका प्यार अनमोल था, 18वी और 19वी सदी में खतों से या मिल कर या फिर पुराने फ़ोन से अपने प्यार का इज़हार किआ जाता था वरना चाँद को देख के अपने महबूब या महबूबा के चेहरे का दीदार समझ के कर लिया जाता था ।

परंतु अब वक़्त बदल गया 21वी सदी एक मैसेज से अपने इश्क़ और प्यार का इज़हार कर लिया जाता है और फिर उसी को 2-3 और लोगों को फॉरवर्ड कर दिया जाता है, आज कल प्यार सिर्फ किताबों में सीमित हो गया है असल ज़िंदगी में सिर्फ वक़्त गुज़ारना और नफ़रत ने प्यार और इश्क़ की जगह ले ली है यही नहीं शादी के बंधन का भी सरे बाज़ार नुमाईश या फिर माँ बाप जैसे अनमोल रिश्तों का भी कोई मोल नहीं रह गया है । 

क्या हम इतने आगे बढ़ चुके है कि अब अपने प्रिय लोगों की एहमियत नहीं रही या उनके प्रति ज़िम्मेदारी भूल चुके है, कहने को तो परिवर्तन जीवन का अनोखा दस्तूर है परंतु प्यार और इश्क़ में परिवर्तन क्यों, क्या अब रिश्ते सिर्फ सोशल साइट्स या फिर मज़ाक बन गए ? 

इसका जवाब शायद हम्हे अपने आप से पूछना होगा जीवन के सबसे खूबसूरत एहसास को प्यार का नाम दिया गया है इसके कई खूबसूरत रूप है । हम्हे उन सबसे सीखना होगा जिन्होंने प्यार की एक मिसाल कायम की और सदियों के लिए सुनहरे पन्नों में अपने प्यार के साथ दर्ज़ हो गए है …

हीर और रांझा, मुमताज़ और शाहजहाँ, रोमियो और जूलिएट,    

और ऐसे कई ख़ूबसूरत इंसान जिन्होंने प्यार और इश्क़ की अनोखी मिसाल दी और मुमताज़ और शाहजहाँ की तो एक निशानी हिंदुस्तान की आन-बान और शान है ” ताज महल ” जिसकी खूबसूरती इतनी बेशुमार है की इसकी गूँज विश्व भर में प्रसिद्ध है । 

इश्क़ और प्यार किसी लफ़्ज़ों का मोहताज़ नहीं है यह तो वो एहसास है जिसका कोई मोल नहीं है और इसको किसी भी बन्दिशों में नहीं बाँध सकते हैं। 

मेरा लेख आज इसी बात पे आधारित है कि प्यार को महसूस करने का अधिकार सबको है पर इसका दुरुपयोग अपनी वासना या क्रूरता से ना करे और साथ ही एक तरफ़ा प्यार को या फिर जुनूनियत बनाने की गलती बिल्कुल ना करे ।

और एक बात प्यार एक नज़र में भी होता है और कई बार सालों लग जाते है इसका एहसास होने में इसलिए किसी को अपना दिल देने से पहले यह जरूर जान ले क्या आप सच्च में उससे प्यार करते है या फिर यह एक लगाव है उसके प्रति और यही नहीं प्यार के जवाब का सम्मान दे और उस इंसान को भी सम्मान दे क्योंकि प्यार और इश्क़ सम्मान और इज़्ज़त से बनता है और इसका एहसास सर्वोपरि है ।

 

कुछ शाइरी जिनको मैंने खुद लिखी है आज मैं आप सब के साथ साँझा करने जा रहा हूँ… उम्मीद करता हूँ की आपको पसंद आएगी 

” तेरे चेहरे का नूर यूँ मेरी आँखों से टकराया की दिल और दिमाग़ थम सा गया, तेरे चेहरे का नूर यूँ मेरी आँखों से टकराया की दिल और दिमाग थम सा गया, अब संभाले ना संभालता है दिल की वक़्त भी ठहर सा गया है और लफ़्ज़ों में बस एक ही अलफ़ाज़ है आप-आप और बस आप ” 

” चाँद और तारे तो सब तोड़ने का वादा करते है, चाँद और तारे तो सब तोड़ने का वादा करते है, पर जनाब हम तो यह कहते है कि चाँद और तारे तोड़ने से क्या हासिल होगा, जब मेरी महबूबा ही चाँद सी  खूबसूरती की मूरत है । ” 

” माँ तेरा प्यार अनमोल है, तेरी बातों में संसार है, तू सबसे खूबसूरत है, तू सबसे प्यारी है, तेरा ना कोई जवाब है, तुम सा ना कोई दूसरा हो सकता है और ना कोई होगा, तेरा स्थान सर्वोपरि है और हमेशा रहेगा । “

” तेरा ख्याल जब आता है तो दिल और दिमाग बस यही कहता है, ख़ुशनसीब हूँ मैं जो तुम मुझे मिले, ख़ुशनसीब हूँ मैं जो तुम मुझे मिले, अब तो बस दुआ करता हूँ की यह साथ मेरे अंतिम साँसों तक रहे और यूँ ही प्यार बेशुमार बना रहे । “

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