कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए एक युवक ने दलित के हाथों बना खाना खाने से इनकार कर दिया। यह मामला खड्डा तहसील के भुजौली खुर्द गांव का है. इस क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों का खाना दलित महिला ग्राम प्रधान और उसका पति बना रहे थे।युवक को जब खाना दिया गया तो उसने यह कहकर खाने से इनकार कर दिया कि वह दलित के हाथों बना भोजन नहीं खा सकते हैं । इस घटना की सूचना बीजेपी सांसद विजय दुबे को मिली तो वे तत्काल क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे और उन्होंने वहां खाना खाया। सांसद के अपने घर खाना खाने के बाद दलित परिवार ने खुशी जताई।
कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील के भुजौली खुर्द गांव के विद्यालय में क्वारेंटाईन सेंटर बना हुआ है। बाहर से लौटने वाले 5 लोगों को इस क्वारेंटाईन सेंटर में आईसोलेट किया गया है। इन्हीं 5 लोगों में भुजौली खुर्द गांव का ही निवासी सिराज भी आईसोलेट था। भुजौली खुर्द की महिला ग्राम प्रधान लीलावती और उनके पति सुभाष गौतम जब इनके लिए भोजन लेकर गए तो चार लोगों ने भोजन कर लिया लेकिन सिराज ने भोजन छुआछूत के आधार पर भोजन करने से मना कर दिया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व महिला ग्राम प्रधान के पति के मुताबिक सिराज ने यह कह कर खाने से इंकार कर दिया कि अनुसूचित का छुआ और उसके घर बना खाना नहीं खा सकता. सुभाष गौतम का कहना है कि यह सुनते ही हम दोनों पति- पत्नी रोने लगे । इतने अपमान के बाद भी हम दोनों लोग सिराज से भोजन करने के लिए निवेदन करते रहे, लेकिन उसने भोजन नहीं किया। सिराज अपने घर से भोजन मंगा कर खाता है।
इस पूरे प्रकरण की खबर लगने के बाद कुशीनगर के सांसद विजय दूबे आज हियुवा के पूर्व प्रभारी अजय गोविंद शिशु, भाजपा नेता निलेश मिश्र के साथ ग्राम प्रधान के घर पहुंच गए और भोजन करने की इच्छा जाहिर कर दी। सांसद की बात सूनकर प्रधान पति सुभाष गौतम खुश हो उठे। सिराज द्वारा किए गए सारे अपमान को सुभाष गौतम भूल गए।सांसद करीब एक घंटे अनुसूचित जाति की महिला ग्राम प्रधान के दरवाजे पर बैठे रहे और भोजन करने बाद वहां से गये। सांसद ने कहा कि छुआछूत मानवता पर कलंक है किसी को भी इसे नहीं मानना चाहिए। सांसद की इस पहल की चारो ओर प्रशंसा हो रही है।
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