नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव के साथ 11 राज्यों में चुनाव संभव है. सूत्रों के मुताबिक सरकार का कहना है कि इसके लिए संविधान संशोधन की जरूरत नही हैं. लोकसभा के साथ हरियाणा, झारखंड, मिजोरम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में चुनाव संभव हो सकते हैं. अगर राज्यों की सरकारें और राजनीतिक पार्टियां तैयार हो जाएं तो चुनाव हो सकते हैं. सरकार का कहना है कि सभी दल तैयार हो तो चुनाव आयोग को परेशानी नहीं होगी . केंद्र सरकार अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ ही 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव करा सकती है. इसके लिए सभी पार्टियों की बैठक बुलाई जा सकती है.
इस तरह से चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन कराने की जरूरत भी नहीं है. बता दें कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एक देश एक चुनाव की पैरवी करती रही है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा के चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ ही होते हैं. वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में लोकसभा चुनावों में छह महीने बाद विधानसभा के लिए वोट डाले जाने वाले हैं.ऐसे में इन राज्यों के चुनाव कुछ महीनों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है.
जम्मू कश्मीर में अभी किसी की सरकार नहीं है. पीडीपी बीजेपी के अलग होने के बाद से वहां पर राज्यपाल का शासन है. ऐसे में वहां पर भी अगले साल चुनाव कराया जा सकता है. वहीं महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में समय से पहले चुनाव कराए जा सकते हैं. 2013 में इन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम. 2014 में इन राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश.
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