लखनऊ। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन आज भी किया गया ।हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर सपा छात्र नेता कर रहे विरोध प्रदर्शन। प्रदर्शन के जरिए सपा का आरोप इस सरकार ने निर्दोष लोगों को मारा व फसाया है। विरोध प्रदर्शन में जिन लोगों की मौत हुई है उसके जिम्मेदार मौजूदा सरकार है। इस उद्देश्य सपा छात्र नेता इसी के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल सभी सपा छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है ।
पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश में हुई नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ। इस हिंसक प्रदर्शन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में सार्वजनिक के साथ ही निजी संपत्तियों क नुकसान उपद्रवियों को भरना होगा। प्रदेश में अब तक कई जिलों में 373 उपद्रवियों को नोटिस भेजकर करीब 74 लाख की रिकवरी का नोटिस जारी किया। वहीं इस मामले में अब तक 1113 गिरफ्तार हो चुकी है। मुरादाबाद मंडल में 20, लखनऊ में 110, फिरोजाबाद में 29, गोरखपुर में 34 उपद्रवियों को संपत्ति वसूली का नोटिस भेजा गया है। नुकसान का आकलन जिला स्तर पर हो रहा है। इसके लिए सभी जिलों में एक समिति बनाने का निर्देश दिया गया था।
इनमें कानपुर, फिरोजाबाद और मऊ में पुलिस ने तोड़फोड़ करने वाले प्रदर्शनकारियों के पोस्टर जारी करके उनके बारे में सूचना मांगी है। जानकारी देने वाले को इनाम देने की बात भी कही है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी व वीडियो फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
इन छह जिलों में गिरफ्तारी
मुरादाबाद में 20
लखनऊ में 110
फिरोजाबाद में 29
गोरखपुर में 34
बिजनौर में 146
मेरठ में 141
इन जिलों में की जा रही तोड़फोड़ करने वालों की पहचान
यूपी के 13 जिलों में हिंसा फैलाने वालों और सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की वीडियो, फोटो के जरिए पहचान की जा रही है। पूरे प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। करीब 1000 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। साथ ही 6,000 के आसपास लोगों को हिरासत में लेकर रिहा किया गया। लेकिन इन लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
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