इन दो घटनाओं ने देश को किया शर्मसार – उन्नाव और कठुआ पर बोले पीएम मोदी

[object Promise]

दिल्ली, प्रधानमंत्री मोदी ने बासाहेब की जयंती पर राजधानी में अलीपुर रोड स्थित ‘डॉ. आंबेडकर नैशनल मेमोरियल’का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने उन्नाव और कठुआ पर बोलते हुए कहा कि इन दोनों घटनाओं ने देश को शर्मसार किया है। गुनहगारों को सजा दिलाना हमारी जिम्मेदारी है और उन्हे सजा मिलकर रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज को भी सोचना होगा। पीएम ने कहा कि जिन बेटियों के साथ जुल्म हुआ है उन्हें न्याय मिलेगा।   

  • दो करोड़ 16 लाख से ज्यादा दलितों को लोन दिया है।
  • देश के अधिकतम गांवों में बिजली पहुंची, सौभाग्य योजना से देश के 4 करोड़ घरों में बिजली पहुंची।
  • देश में शौचालय न होना अन्याय था, सरकार ने देश में सवा दो करोड़ गावों में आठ करोड़ शौचालय बनवाए हैं।
  • बिना बैंक गारंटी के लोन देने का विकल्प हमारी सरकार ने दिया है।
  • एससी-एसटी एक्ट में अग्रिम जमानत न देने का प्रावधान पहले जैसा ही रहेगा।
  • SC/ST पर अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए special courts का गठन किया जा रहा है।
  • अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों पर अत्याचार रोकने के लिए कानून को शिथिल नहीं बनने देगी सरकार।
  •  आंबेडकर जब जीवित थे तो कांग्रेस ने उनका अपमान किया और उनके निधन के बाद भी उनका अपमान कर रही है।
  • सरकार ने पिछड़ी जातियों के सब-कैटेगरी के लिए कमीशन के गठन का निर्णय भी किया है।

पीएम दिल्ली मेट्रो से समारोह में भाग लेने पहुंचे। वह शाम पांच बजकर 41 मिनट पर येलो लाइन के लोक कल्याण मार्ग स्टेशन से मेट्रो में चढ़े और करीब 20 मिनट बाद 6 बजकर एक मिनट पर विधानसभा स्टेशन पर उतरे।प्रधानमंत्री के लोक कल्याण मार्ग स्टेशन पर पहुंचते ही लोगों के उनसे मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। वह लोगों से मिले और उनका अभिवादन स्वीकार किया। स्टेशन पर ही लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली। मेट्रो के भीतर भी यह सिलसिला चलता रहा। इस दौरान पीएम ने यात्रियों से बात भी की। वह इससे पहले भी मेट्रो में सफर कर चुके हैं। दिल्ली मेट्रो के अनुसार येलो लाइन पर सेवा पूरी तरह से सामान्य रही और प्रधानमंत्री ने अन्य यात्रियों के साथ ही मेट्रो में यात्रा की। अन्य लाइनों पर भी सेवा सामान्य रही। पीएम की इस यात्रा से लोगों को निजी वाहनों के बजाय यातायात के सार्वजनिक माध्यमों का इस्तेमाल करने का संदेश मिलता है।

बता दें कि यह दलित स्मारक दिल्ली में 26 अलीपुर रोड पर बनाया गया है। इसकी आधारशिला पीएम ने 21 मार्च 2016 को रखी थी।  करीब 200 करोड़ की लागत में बने इस स्मारक को पुस्तक का आकार दिया गया है जो संविधान का प्रतीक है। इस इमारत में एक प्रदर्शनी स्थल, स्मारक, बुद्ध की प्रतिभा के साथ ध्यान केंद्र व डॉ. आंबेडकर की 12 फुट ऊंची प्रतिमा है। प्रवेश द्वार पर 11 मीटर का अशोक स्तंभ भी है। यह इमारत पर्यावरण हितैषी है। इसमें सीवेज शोधन संयंत्र, वर्षा जल सिंचाई प्रणाली व सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। संग्रहालय में मल्टी मीडिया तकनीक के माध्यम से अंबेडकर के जीवन और आधुनिक भारत को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *