दो प्रतिशत की कमी राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर वैट में

[object Promise]

जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में पेट्रोल एवं डीजल पर लगने वाले वैट की दर में 2 प्रतिशत की कमी कर पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों से लोगों को बड़ी राहत दी है। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने तथा राजस्व में आई कमी के बावजूद मुख्यमंत्री ने आमजन के हित में यह महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इससे आमजन के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट एवं अन्य व्यवसाय को भी काफी राहत मिलेगी। वैट की दरों में कमी से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष राजस्व में अनुमानतः एक हजार करोड़ रूपए की कमी आयेगी।
गहलोत ने कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम लंबे समय तक न्यूनतम स्तर पर होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम उच्चतम स्तर पर होने से महंगाई बढ़ रही है और आमजन को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा वर्तमान में पेट्रोल पर 32 रुपये 98 पैसे प्रति लीटर तथा डीजल पर 31 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लिया जा रहा है, जो अत्यधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा बेसिक एक्साइज ड्यूटी राज्यों को दिये जाने वाले डिविजिएबल पूल का हिस्सा होती है। जिसे लगातार कम करते हुये पेट्रोल पर 9.48 रुपये से 2.98 रुपये तथा डीजल पर 11.33 रुपये से 4.83 रुपये किया जा चुका है। जिससे राजस्थान सहित सभी राज्यों को राजस्व की भारी हानि हो रही है।

गहलोत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा एडिशनल एक्साईज ड्यूटी को लगातार बढ़ाते हुये पेट्रोल एवं डीजल पर 8 रुपये से 18 रुपये प्रति लीटर तथा स्पेशल एक्साईज ड्यूटी को बढ़ाकर पेट्रोल पर 7 रुपये से 12 रुपये एवं डीजल पर शून्य से बढ़ाकर 9 रुपये प्रति लीटर किया जा चुका है। भारत सरकार की इस नीति के कारण राज्यों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही आमजन को महंगे पेट्रोल-डीजल की मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो पहल की है, केन्द्र सरकार भी उसका अनुसरण करते हुये पेट्रोल एवं डीजल पर केन्द्रीय करों में कमी कर लोगों को राहत दे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *