अनुज दुबे
तनाव नही तो आदमी नही गांधी एक विचारधारा है – Dm
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पास सत्य और अहिंसा दो हथियार थे जिन्होनें इसे भयावह और बेहद कठिन परिस्थितयों में अपनाया शांति के मार्ग पर चलकर इन्होनें न सिर्फ बड़े से बड़े आंदोलनों में आसानी से जीत हासिल की बल्कि बाकी लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी बने।
महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता और बापू जी के नामों से भी पुकारा जाता है। वे सादा जीवन, उच्च विचार की सोच वाली शख्सियत थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन सदाचार में गुजारा और अपनी पूरी जिंदगी राष्ट्रहित में कुर्बान कर दी। उन्होनें अपने व्यक्तित्व का प्रभाव न सिर्फ भारत में ही बल्कि पूरी दुनिया में डाला।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हमेशा कहते थे,
बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत कहो”
और उनके जीवन के इन्हीं आदर्शों ने उन्हें राष्ट्रपित की संज्ञा दिलवाई।
आज ही के दिन भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी सादगी, कुशल नेतृत्व और जनकल्याणकारी विचारों के लिए याद किया जाता है। उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 2 अक्टूबर 1904 को जन्मे शास्त्रीजी का जीवन संघर्षों से भरपूर था। उनका बचपन काफी गरीबी में बीता था।
एस डी एम ने अंत मे कहे कि तनाव का नाम जिंदगी हैं अगर तनाव नही तो आदमी नही गांधी एक विचारधारा है । महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती व भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिन के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी के विजेंद्र पांडियन ध्वजारोहण किया तत्पश्चात राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया
दीवानी न्यायालय परिसर के सभागार में जिला जज विनोद कुमार श्रीवास्तव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया तत्पश्चात न्यायालय परिसर में भारत स्वच्छ स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर न्यायालय परिसर को साफ सुथरा करने का संकल्प लिया इस अभियान में न्यायालय परिसर के सभी जज व अधिवक्ता गण मौजूद ।
Leave a Reply