महाराष्ट्र:- महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान थमने का नाम नही ले रहा है। एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के मध्य जारी राजनीति विवाद कोर्ट की दहलीज पर पहुच चुका है। वही अब विधायकों की बगावत और सुप्रीम कोर्ट के बीच उद्धव ठाकरे ने उन 19 विधायकों को पत्र लिखा है जिन्होंने इस कठिन समय मे उनका साथ दिया। ठाकरे ने पत्र लिख विधायकों का आभार जताया है। जानकारी के लिए बता दें एकनाथ शिंदे बीते दिन महाराष्ट्र सरकार के विरोध में खड़े हो गए थे जिसके बाद इनके साथ 40 विधायक सरकार के विरोध में हुए थे ओर उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी। उद्धव सरकार गिरने के बाद एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर बहूमत सिद्द किया ओर अब वह महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री है।
लेकिन अब इस बीच खबर यह भी सामने आ रही है कि यह 19 विधायक भी उद्धव से दूरी बनाने की योजना बना रहे हैं। क्योंकि आज उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रपति चुनाव हेतु एक मीटिंग बुलाई थी जिंसमे इनके केवल 10 विधायक पहुंचे और 9 विधायक मीटिंग से गायब रहे। विधायकों का मीटिंग में न पहुंचना कई बड़े संकेत दे रहा है ओर राजनीति गलियारों में लोग यह कयास लगा रहे हैं कि यह विधायक जल्द ही एकनाथ शिंदे के गुट में शमिल हो जायेगे। क्योंकि यह खबर लम्बे समय से सुर्खियों में है कि शिवसेना के कई विधायक एकनाथ शिंदे के सम्पर्क में है।
महाराष्ट्र कोर्ट की सुनवाई के दौरान शिवसेना सांसद संजय राउत मीडिया के सामने आए ओर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को न्यायालय पर विश्वास है। उन्होंने कहा न्यायपालिका के सवाल सिर्फ शिंदे के अस्तित्व पर सवाल नही बल्कि लोकतंत्र पर सवाल है। यह एक प्रकार से स्वतंत्र न्यायपालिका की परीक्षा है। महाराष्ट्र में एक सरकार को जिस तरह से खड़ा किया गया है वह पूर्ण रूप से गलत है। यह सरकार संविधान के अनुसार नही बनी है। इसे खड़ा करने के लिए राज्यसभा और विधानसभा का दुरुपयोग किया गया है। यहां यह विधायकों के अयोग्य होने का मुद्दा है। सर्वोच्च न्यायालय में एक फैसला हो रहा है, उससे पता चलेगा कि देश में संविधान, कानून है या उसकी हत्या हो चुकी है।
जानकारी के लिए बता दें सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट के 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में सुनवाई को फिलहाल टाल दिया है। कोर्ट ने कहा है इस मामले के लिए बेंच गठित की जाएगी और इस मामले को सोल्ब करने में अभी समय लगेगा। सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव गुट को भी राहत देते हुए महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर को आदेश दिया है कि जब तक मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो जाती। स्पीकर कोई निर्णय नहीं लेंगे।
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