मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को शराब नहीं बेचने का आदेश दिया है. आदेश में कहा गया है कि शराब की दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है, जिसकी वजह से कोरोना का संक्रमण आसानी से फैल सकता है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि जब तक लॉकडाउन खत्म न हो जाए तब तक शराब की बिक्री न की जाए.
लॉकडाउन 3.0 के दौरान सरकार ने शराब की दुकानें खोलने की छूट दी, तो देश भर में शराब के लिए दुकानों के बाहर भारी भीड़ उमड़ पड़ी. दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें नजर आईं. तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन के अनुसार प्रदेश में एक दिन के अंदर 172.59 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई.
कॉर्पोरेशन के मुताबिक प्रदेश की कुल 5146 दुकानों पर एक दिन में शराब की बिक्री औसतन 70 से 80 करोड़ रुपये की होती है. लेकिन 3750 दुकानों पर ही एक दिन में 170 करोड़ से अधिक कीमत की शराब बिकी. यह दैनिक कलेक्शन के दोगुने से भी अधिक है.
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए देश भर में शराब की दुकानों पर भीड़ कम करने और सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) प्रोटोकॉल को लागू करने के लिए शराब की “होम डिलीवरी” पर विचार करने की सलाह दी है. वहीं लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान शराब की प्रत्यक्ष बिक्री (दुकानों के माध्यम से बिक्री) पर प्रतिबंध लगाने की बात की है.
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