पटना। गिरिराज और उनकी तरह के बिहार भाजपा के अन्य नेता जो जल जमाव के बहाने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पानी-पानी करने में लगे थे, अब सब या तो मौन हैं, या शांत हैं।
कारण यह बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अपने पार्टी हाई कमान की फटकार के बाद पिछले दो दिनों से शांत हैं।
भाजपा के सूत्रों के अनुसार पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फिलहाल उन्हें कोई भी ऐसा बयान देने से मना किया है जिससे गठबंधन पर प्रतिकूल असर पड़े।
हालांकि बिहार भाजपा के कद्दावर नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के करीबियों का हमेशा दावा था कि गिरिराज की अपनी सरकार को घेरने की इस मुहिम को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का कोई समर्थन प्राप्त नहीं था।
खुद सुशील मोदी ने नीतीश कुमार के जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई के ट्वीट में दो अहम बातें लिखी थीं जो दरअसल गिरिराज की सभी आलोचनाओं का जवाब मानी जा रही थी।
हालांकि मीडिया की इस खबर पर बिहार जनता दल यूनाइटेड के नेताओं, खासकर मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने, प्रतिक्रिया देने से यह कहकर इनकार कर दिया कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है।
वहीं गिरिराज समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अपने वाणी को फिलहाल विराम दिया है, लेकिन नीतीश कुमार के मुखर आलोचक के रूप में उन्होंने अपनी जगह बना ली है।
वहीं गिरिराज विरोधियों का मानना है कि अपने निजी प्रचार के चक्कर में उन्होंने एनडीए के घटक दलों के कार्यकर्ताओं में एक-दूसरे के प्रति संशय की स्थिति जरूर पैदा कर दी है।
गिरिराज ने हालांकि जल जमाव में बिना पैर डाले हुए जनता दल नेताओं के शब्दों में मीडिया में खूब स्पेस तो लिया. लेकिन उसी बहाने उन्होंने जनता दल यूनाइटेड को इस बात को लेकर आगाह जरूर कर दिया कि बिहार भाजपा में अब दो गुट हैं।
एक नीतीश और गठबंधन के समर्थकों का जिसका नेतृत्व सुशील मोदी और नंदकिशोर यादव जैसे नेता करते हैं और दूसरा गिरिराज सिंह जैसे नेताओं का जो चाहते हैं कि भाजपा को एक बार फिर विधानसभा चुनावों में जोरआजमाईश करनी चाहिए।
Leave a Reply