संघ को समझने के लिए दिल चाहिए, यह सभी धर्मों का करता है सम्मान

देश:- आरएसएस को लेकर आय दिन यह कहा जाता है कि यह एक ऐसा संगठन है जिसका भाजपा से सीधा संबंध है। आरएसएस देश को विभक्त कर रहा है वहीं अब नेता दत्तात्रेय होसबोले ने साफ किया है कि आरएसएस का किसी भी राजनीतिक दल के साथ कोई संबंध नहीं है। यह सिर्फ राष्ट्रहित हेतु काम कर रही है।
उन्होंने आगे कहा, हम सिर्फ राष्ट्रवादी हैं। हमारा दक्षिणपंथी और वामपंथी विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। भारत का हर व्यक्ति हिन्दू है। क्योंकि उनके पूर्वज हिन्दू थे। उनका व्यवहार, उनकी पूजा करने की विधि भिन्न हो सकती है। लेकिन उनका डीएनए एक ही है हिन्दू। भारत मे वो ताकत है जो एकता के बलबूते पर विश्व गुरु बनकर विश्व का नेतृत्व कर सकता है।
आरएसएस सभी धर्मो का सम्मान करता है। वह किसी पर कोई विचारधारा नहीं थोपता। लोग संघ से जुड़कर अपनी काम कर सकते हैं। हम सभी का सम्मान करते हैं। संगठन कठोर नहीं है। क्योंकि संगठन लचीला है। वहीं संविधान विधिवत तरीके से काम तब तक नहीं कर सकता है। जब तक कि उसको क्रियान्वित करने का सही न हो। संघ को कोई भी दिमाग से नहीं समझ सकता। क्योंकि इसे समझने के लिए दिल की आवश्यकता है।

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