राम शंकर विश्वकर्मा की रिपोर्ट
फतेहपुर जिले के खागा तहसील के ऐराया ब्लॉक में शिक्षा व्ययवस्था बद से भी बद्तर हो गई है। जी हा हम सरसई खुर्द ग्रामसभा के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत कल्पना सिंह के बारे में बात कर रहे है जो विद्यालय आती तो है लेकिन सारा दिन मोबाइल से बातचीत में व्यस्त रहना आम बात है आज 04:12:2018को मीडिया के पहुचने पर शिक्षा व्यवस्था के बारे जानकारी चाही तो कल्पना के द्वारा अभद्र व्यहार किया गया और धमकी दी गई की चुपचाप यहाँ से चले जाओ वरना ऐसा फसाउगी की जीवन भर जेल में सड़ोगे।
क्यों की वहां सिर्फ लेडीज स्टाफ के अलावा जेंट्स कोई नही। हेड इंचार्ज का नाम पूछने पर अर्चना बताया गया जब कहा गया लिस्ट में तो अर्चना नाम की कोई है ही नही । इसके बाद कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दी। स्वेटर ,शू ,मोज़े के वितरण के बारे में पूछा गया उसमे बोली की मैं नही बताऊँगी। मुझे नही मालूम जाकर bsa से पूछ लो ।
स्वेटर इतना रद्दी बाटा गया है कि रोये अभी से निकल आये है। इसके बाद बदसलूकी के साथ हमारे मोबाइल को छीन कर सारे रिकॉर्ड किये गए सबूत मिटा दिए गये जब इस सन्दर्भ में विजय त्रिपाठी को जानकारी फि गयी तो उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों तक इस सन्दर्भ की बात पहुँचाने की कही।प्रधान प्रतिनिधि मुन्ना मौर्य ने बताया की ये मैडम की शिकायत हमारे पास अक्सर आती रहती है।रसोइये का भुगतान भी नही कर रही है भ्रष्टता की जांच कराई जाए सब क्लेयर हो जाये। इसके पूर्व प्रधान जी से बात की गई बताये की मैं क्या यहा तो इस अध्यापिका के व्यवहार से सभी परेशान है। वही स्कूल परिसर में काम में लगे मजदूरों व् बच्चों से पूछा गया तो वो भी यही बताये की सारा दिन मोबाइल में व्यस्त रहती है।शिक्षा व्यवस्था के बारे जानकारी ली गई तो सुनकर पैरो के नीचे से जमीन खिसक जायेगी। सभी अध्यापिकाएं अधिकतर मोबाइल में ही समय बिताती है। जिसका किसी भी समय मूल्यांकन कर पकड़ा जा सकता है।
इनका किसी भी अधिकारी का खौफ नही जिसके पास जाना हो जाओ जिससे कहना हो कह दो ।इतनी दबंगई है।जब क्षेत्र के एक विदयालय का ये हॉल है तोअन्यके क्या हाल होंगे।इसी के पूर्व brc कैम्पस में बच्चों से खाना बनवाने का मामला दबा कर शांत कर दिया गया था।लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई।
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