गुलाम नबी आजाद ने कहा- वापस लें कृषि कानून, अंग्रेजों ने भी ऐसा किया था

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नई दिल्ली । कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि सरकार किसानों से न उलझे, क्योंकि वे देश की रीढ़ की हड्डी हैं। कांग्रेस ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि किसान आंदोलन की वजह से अंग्रेजों को भी कुछ कानूनों को वापस करना पड़ा था। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग लेते हुए विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, “कांग्रेस चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ थी, लेकिन किसानों से उलझना अच्छी बात नहीं है।”

उन्होंने कहा, “जब अंग्रेजों ने कई कानूनों को वापस ले लिया, तो हम क्यों नहीं ले सकते। मैं प्रधानमंत्री से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने और 26 जनवरी की घटना के बाद लापता हुए लोगों का पता लगाने का अनुरोध करता हूं।”

कांग्रेस नेता ने लाल किले की घटना की निंदा की और ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि किसान नेताओं पर फर्जी मामले नहीं लगाए जाने चाहिए।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर और पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।

कश्मीर पर बोलते हुए आजाद ने कहा, “जब वहां राज्य सरकार थी, तब बहुत विकास हुआ था, आतंकवाद कम था और कानून व्यवस्था की समस्या कम थी।”

उन्होंने कहा, “राज्य में पर्यटन बहुत कम हो गया है और लोग घर बैठे हैं। राज्य में शिक्षा समाप्त हो गई है, स्कूलों के बिना विकास कैसे हो सकता है। साथ ही इंटरनेट समस्या के कारण ऑनलाइन कक्षाएं संचालित नहीं की जा सकती।”

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव कराने के लिए सरकार को बधाई दी। कांग्रेस नेता ने कहा कि धारा 370 के खत्म होने से लोग नाखुश हैं।

आजाद ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री से जम्मू-कश्मीर को वापस राज्य बनाने और चुनाव कराने का अनुरोध करता हूं।”

इससे पहले, विपक्ष विवादास्पद कृषि कानूनों पर चर्चा से पहले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए सहमत हो गया और सर्वसम्मति से चर्चा का समय बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

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