अयोध्या में दिवाली: राम मंदिर में ‘वोकल फॉर लोकल’ का अनूठा दीपोत्सव

अयोध्या में इस दिवाली, राम मंदिर में होगी ‘वोकल फॉर लोकल’ की धूम!

क्या आप जानते हैं कि इस साल अयोध्या में दिवाली का त्यौहार कुछ अलग ही अंदाज में मनाया जाएगा? जी हाँ, इस बार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे देशभक्ति की भावना और बढ़ जाएगी। ट्रस्ट ने इस साल राम मंदिर की सजावट में चीनी झालरों और लाइटों का इस्तेमाल ना करने का फैसला किया है। इसकी जगह, वो स्वदेशी सामानों का इस्तेमाल करेगा। सोचिए, कितना शानदार फैसला है! आइये, विस्तार से जानते हैं इस खबर की पूरी कहानी।

स्वदेशी प्रतिबद्धता: राम मंदिर में ‘वोकल फॉर लोकल’ का अनूठा उदाहरण

यह फैसला सिर्फ दिवाली की रौनक बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की पहल का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का यह कदम देश के प्रति उनकी गहरी निष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने दिवाली के लिए मंदिर की सजावट में स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इससे न केवल राम मंदिर की शोभा बढ़ेगी बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी काम मिलेगा और वो अपने हुनर दिखा पाएंगे। इतना ही नहीं, इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा क्योंकि स्वदेशी सामान में कम प्रदूषण होता है।

राम मंदिर में होगा दीपोत्सव का भव्य आयोजन

इस साल राम मंदिर में दीपोत्सव का आठवाँ संस्करण आयोजित किया जाएगा, जो राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद का पहला दीपोत्सव होगा। पूरे मंदिर परिसर को दीयों, फूलों और लाइटों से सजाया जाएगा। यह एक अद्भुत नज़ारा होगा, जो आँखों को मोह लेगा। लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जाएगा, जिसमे आधे से ज्यादा सादे कपड़ों में रहेंगे ताकि कोई गड़बड़ न हो।

सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं, अयोध्या दीपोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार

अयोध्या प्रशासन ने इस दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। दीपोत्सव से पहले, अयोध्या में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और रामलीला का आयोजन भी किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस साल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर सबसे ज़्यादा दीये जलाना है। इसमें जनता का सहयोग अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही प्रशासन ने ये स्पष्ट कर दिया है की कोई भी चीनी सामान ना इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं है, यह सब लोगों के अपने इच्छा पर निर्भर करता है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का लक्ष्य: एक नया मुकाम

इस बार अयोध्या में दीपोत्सव एक नए रिकॉर्ड के साथ इतिहास रचने की तैयारी में है। सरकार का लक्ष्य एक साथ सबसे अधिक संख्या में दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है। इस खास आयोजन को सफल बनाने के लिए शहरवासी पूरी तैयारी में जुट गए हैं।

‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश: आत्मनिर्भर भारत की राह पर

राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा चीनी सामान का बहिष्कार करना केवल दिवाली के त्योहार को खास बनाने तक सीमित नहीं है; यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी है। इस फैसले के पीछे ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का भावना है। यह फैसला स्थानीय कारीगरों और कलाकारों को बढ़ावा देने और देश के आर्थिक विकास में योगदान देने का एक शानदार प्रयास है। यह दिखाता है कि कैसे छोटे कदम से देश के विकास में बड़ा योगदान हो सकता है।

आत्मनिर्भरता का मंत्र: राष्ट्र निर्माण में योगदान

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के इस कदम से देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के प्रति एक नई दिशा निर्धारित होती है। ‘वोकल फॉर लोकल’ का यह संदेश पूरी दुनिया में फैल रहा है और देशवासियों को स्वदेशी सामान को अपनाने और देश की तरक्की में योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है।

दीपोत्सव में शामिल होकर बनाएँ इतिहास

अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव में आप भी हिस्सा बनें। इस भव्य कार्यक्रम में शामिल होकर आप इस इतिहासिक पल के गवाह बन सकते हैं। ये सिर्फ़ त्योहार नहीं है बल्कि स्वदेशी प्रेम और राष्ट्रप्रेम का एक सारगर्भित प्रदर्शन है! इस साल का दीपोत्सव आपके लिए यादगार अनुभव बनेगा। आइये मिलकर अयोध्या के इस भव्य दीपोत्सव में रौशन करें भारत का नाम!

Take Away Points

  • राम मंदिर ने दिवाली के लिए चीनी सामानों के बहिष्कार का ऐलान किया है।
  • इस कदम से स्थानीय शिल्पकारों और कलाकारों को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की पहल का एक शानदार उदाहरण है।
  • इस साल अयोध्या में दीपोत्सव के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य है।

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