रिपोर्ट अनिल अनूप
लखनऊ। ग्राम पंचायत इकबाल खेड़ा भदेसुवा के रहने वाली पीड़ित महिला मनोरमा पत्नी सुनील कुमार के द्वारा लगभग 6 माह से ऊपर दर-दर भटकने को मजबूर है लेकिन थाना मोहनलालगंज पुलिस अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अपने पावर का गलत उपयोग करते हुए नजर आ रही है। पीड़ित महिला ने माननीय उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से गुहार लगाने के बाद भी डीजीपी महोदय, एसएसपी महोदय तथा सीओ साहब के यहां अपनी गुहार लगा चुकी है , लेकिन उत्तर प्रदेश के आला अधिकारियों ने आज तक कोई कार्यवाही नही की गई ।
पीड़ित महिला के बताने के अनुसार कहा जा गया है कि ‘दबंग बृजभान सिंह पत्नी मनोज कुमारी तथा उसकी बहन के द्वारा लात घूसा से छत के ऊपर गिरा गिरा के अपने मजदूरों के सामने मुझे मारा और डंडे से प्रहार करके मेरा सर फार दिया।’
पीड़ित महिला जब थाने जाती है तो पुलिस अपने हाथ से ही मुकदमा लिख ली। पीड़ित की एप्लीकेशन के अनुसार मुकदमा नहीं लिखा गया और मेडिकल करा करके मुझे वापस घर भेज दिया गया।
अब देखने वाली बात है की दबंग बृजभान सिंह पत्नी मनोज कुमारी तथा उसकी बहन के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है?
बताया गया है कि निजी सचिव बृजभान सिंह के द्वारा पीड़ित परिवार से ₹300000 भी ले चुका है नौकरी के नाम पर और जब पीड़ित परिवार की नौकरी नहीं लगी तो पैसे मांगने पर विवाद खड़ा हुआ और विवाद इतना बढा कि बृजभान सिंह ने उसके मकान को कब्जा पुलिस के माध्यम से किया और पीड़ित महिला को लात घूसे एवं लाठियों से पीटा गया।
इसलिए पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न उठता है की पुलिस इसी तरह दबंगों का साथ देती रही पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा।
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