नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपित उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को मेडिकल आधार पर दो महीने की अंतरिम जमानत देने का इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश गुरुवार को निरस्त कर दिया।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की अपील पर यह फैसला सुनाते हुए कहा कि हाई कोर्ट का तीन सितंबर का आदेश संतोषप्रद नहीं है। प्रजापति समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री था। उस पर अन्य लोगों के साथ एक महिला का दुष्कर्म करने और उसकी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करने के प्रयास का आरोप है।
पीठ ने कहा, हाई कोर्ट ने प्रजापति को मिल रहा उपचार अपर्याप्त होने और उसे किसी विशेष मेडिकल संस्थान से आगे उपचार की जरूरत के लिए अंतरिम राहत देने के बारे में अपनी संतुष्टि दर्ज नहीं की है। उसने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सारी सामग्री पर विचार किए बगैर ही आदेश पारित कर दिया।
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