HAPPINESS CLASS : केजरीवाल-सिसोदिया नहीं होंगे मेलानिया के साथ! कांग्रेस का सवाल, भाजपा ने दी सफाई

HAPPINESS CLASS : केजरीवाल-सिसोदिया नहीं होंगे मेलानिया के साथ! कांग्रेस का सवाल, भाजपा ने दी सफाई

नई दिल्ली। अमेरिका की प्रथम महिला एवं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप भारत दौरे के दौरान दिल्ली के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों से मुलाकात करेंगी। मेलानिया यहां पढ़ाई-लिखाई से इतर मस्ती की पाठशाला हैप्पीनेस क्लास को देखेंगी। इसमें बच्चों को खुश करने और मनोरंजन के साथ उनका उत्साहवर्धन करने की कोशिश की जाती है।

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हैप्पीनेस क्लास वर्ष 2018 जुलाई से शुरू की गई थी। हैप्पीनेस क्लास का उद्घाटन तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने किया था। सरकारी स्कूलों में उत्सव की तरह मनाया जाने वाला यह पीरियड दिल्ली के शिक्षा मंत्रालय और दिल्ली सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शुमार है।

इस बीच एएनआई सूत्रों ने दावा किया है कि स्कूल के दिल्ली सरकार के अधीन आने के बाद से ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी मेलानिया के साथ इस कार्यक्रम में शिरकत करनी थी। हालांकि अब उनका नाम हटा दिया गया है। आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन का कहना है कि भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केजरीवाल और सिसोदिया को न्यौता न दें लेकिन उनका काम बोलता है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा कि सरकारी मौकों पर लोगों को चुनकर न्यौता देने की शुरुआत मोदी सरकार ने की थी, जो तुच्छ राजनीति है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं। राष्ट्रपति भवन के भोज, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में विपक्ष को निमंत्रण न देना भले ही छोटी बात लग सकती है, लेकिन यह भारत की छवि को कमजोर करता है।

इस पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जरूरी मौकों पर ऐसे राजनीति नहीं करनी चाहिए। भारत सरकार ने अमेरिका को सलाह नहीं दी है कि किसे बुलाना है और किसे नहीं। हम इस तू-तू मैं-मैं में नहीं पडऩा चाहते।

उल्लेखनीय है कि हैप्पीनेस करीकुलम की क्लास नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 45 मिनट की हैप्पीनेस क्लास लगाई जाती है। हैप्पीनेस क्लास में कोई किताबी नहीं पढ़ाई जाती, बल्कि क्लास में बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें खुश रहने के साथ भावनात्मक रूप से मजबूत बनने की कला सिखाई जाती है।

इस क्लास को मेडिटेशन से शुरू किया जाता है, फिर कहानियों आदि के जरिए बच्चों को जीवन मूल्यों का पाठ सिखाया जाता है। बच्चों को हैप्पीनेस क्लास के जरिए उत्साहित रखने के इस कार्यक्रम के लिए टीचर्स को स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है। सरकार ने कहा है कि इस करीकुलम से 8 लाख बच्चों को लाभ मिला है।

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