दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की दिल्ली दंगों पर झूठी रिपोर्ट से दिल्ली की सियासत गरम

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नई दिल्ली। दिल्ली में इस साल फरवरी महीने में नागरिकता कानून के विरोध में हुए दंगों को लेकर अल्पसंख्यक आयोग ने जो रिपोर्ट प्रस्तुत की है, उसको लेकर दिल्ली की सियासत गरम होने लगी है। रिपोर्ट को एक समुदाय के खिलाफ बताया जा रहा है। शनिवार को बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने रिपोर्ट के मद्देनजर दिल्ली के अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम पर सीधा हमला बोला। उधर, कपिल मिश्रा ने ट्वीट क बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा गरम हो गई है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि जफरुल इस्लाम की दिल्ली दंगा रिपोर्ट 9/11 की बिन लादेन मेकिंग रिपोर्ट की तरह है। उन्होंने खुले तौर पर शाहीन बाग के हिंदू विरोधी अभियान का समर्थन किया है। इससे साफ है कि वह जाकिर नाइक का समर्थन करते हैं और ताहिर, खालिद, सफ़ुरा के साथ मंच साझा कर रहे हैं। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि दिल्ली दंगा रिपोर्ट जफरुल इस्लाम की नहीं केजरुल इस्लाम की रिपोर्ट है।

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दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की दिल्ली दंगों पर झूठी रिपोर्ट से दिल्ली की सियासत गरम

मिश्रा ने कहा जफरुल इस्लाम की जेहादी रिपोर्ट में अंकित शर्मा और कांस्टेबल रतनलाल के परिवार की जगह, आतंकी ताहिर हुसैन के वकील का बयान डाल कर ताहिर हुसैन को बेकसूर बताया गया हैं। कपिल मिश्रा जफरुल इस्लाम के खिलाफ ट्वीटर पर #ZafarIslamKiJhootiReport मुहिम चला रहे हैं। उनके ट्वीट के कुछ देर बाद ही फेसबुक पर जफरुल इस्लाम ट्रेंड करने लगा। एक कपिल समर्थक शख्स ने लिखा कि जफरुल इस्लाम पर देशद्रोह का केस दर्ज हैं। जफरुल सलाम खुद शाहीन बाग में बिरयानी बांट रहा था, जाकिर नाइक जैसे आतंकियों को महान बताने वाला जफरुल नाइक दिल्ली दंगो पर झूठ फैला रहा हैं, जफरुल नाइक प्रतीक हैं कि दुश्मन देश के अंदर ही बैठे हैं। ऐसे ही कई लोगों ने कपिल मिश्रा के ट्वीट का रिप्लाई किया।

जफरुल इस्लाम की रिपोर्ट के इस हिस्से से मचा बवाल

-ज़फरुल इस्लाम ने अपनी रिपोर्ट में अंकित शर्मा की निर्मम हत्या जैसे मुद्दों पर केवल ताहिर हुसैन के वकील से बात की। अंकित शर्मा और कांस्टेबल रतनलाल के परिवार से कोई बात नहीं की।

-अपनी रिपोर्ट में ज़फरुल इस्लाम ने आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन को निर्दोष करार दिया है। ताहिर हुसैन के घर से पुलिस द्वारा बमों के पत्थरों और एसिड की बोतलों की भारी वसूली की गई थी। इसका रिपोर्ट में कोई जिक्र नहीं है।

जिहाद के मॉडल पर तैयार कि गई रिपोर्ट
कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट बिल्कुल जिहाद के उसी मॉडल का अनुसरण कर रही है जहां एक समूह गैर मुसलमानों को मार देगा और दूसरा समूह उन्हें बचाने के लिए नकली तथ्य बनाएगा। झूठ और केवल झूठ को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग द्वारा बताया गया है और रिपोर्ट आतंकवादियों को बचाने और सच्चाई को छिपाने का एक स्पष्ट और बेशर्म प्रयास है।

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