National:- किसान आंदोलन से सुर्खियों में रहे किसान नेता राकेश टिकैट हर मुद्दे पर खुलकर अपना पक्ष रखते हैं। अभी हाल ही में जहां इन्होंने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध किया ओर यह युवाओं के समर्थन में उतरे। वही अब इन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से मोदी सरकार पर कटाक्ष किया है। राकेश टिकैट ने मोदी सरकार पर किसानों और आम आदमी को ठगने का आरोप लगाया है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि कृषि उपज को पूंजीपतियों के हवाले कर मोदी सरकार ने किसान-आम जनता को ठगा। गेहूं खरीद में प्राइवेट प्लेयर्स ने काटी चांदी।अब नॉन ब्रांडेड आटा चावल सूजी पर जीएसटी लगा गरीब के मुंह से छीना निवाला। इससे किसान और गरीब दोनों मरेंगे। हकों के लिए आंदोलन ही एक रास्ता। उन्होंने यह ट्वीट आय दिन बढ़ती महंगाई के परिपेक्ष्य में किया है।
कृषि उपज को पूंजीपतियों के हवाले कर मोदी सरकार ने किसान-आम जनता को ठगा।गेहूं खरीद में प्राइवेट प्लेयर्स ने काटी चांदी।अब नॉन ब्रांडेड आटा चावल सूजी पर जीएसटी लगा गरीब के मुंह से छीना निवाला। इससे किसान और गरीब दोनों मरेंगे।हकों के लिए आंदोलन ही एक रास्ता।@PMOIndia @ANI @PTI_News pic.twitter.com/iEwR3lqClK
— Rakesh Tikait (@RakeshTikaitBKU) July 6, 2022
राकेश के ट्वीट पर यूजर्स की प्रतिक्रिया:-
एक यूजर कहता है कि ₹2 किलो की प्याज टमाटर और आलू ₹50 किलो बिकती है तब आंख बंद करके सोते रहते हो क्यों नहीं सोचते हो यह नफा क्यों कौन कम रहा है किसानों की कोऑपरेटिव भी बना सकते हो मंडी वाले कितना लूटेंगे आपको। लूटने क्यों दे रहे हो मंडी के खिलाफ आंदोलन चलाओ। वही एक दूसरा यूजर किसान आंदोलन को इंगित करते हुए कहता है कि भारत के’क्षेत्रपति समाज'(किसान कौमों जमींदार भूमिस्वामी समुदाय)ने पिछले वर्ष अद्भूत शांति पूर्वक अन्दोलन से सरकार को झुका दिया था. फैसला वापिस लेने के लिये.अब फिर सरकार एक और हठयोग पर अडी है जो सीधे क्षेत्रपती वर्गों की पीढ़ी को अधिकारों से वंचित करने की योजना दिखायी दे रही है।
वही एक यूजर बोलता है कि अभी अभी खत्म हुए आन्दोलन पर आपने जितना खर्च कराया,उतना खर्च में किसानों के भले के लिए बहुत कुछ किया जा सकता था। अगर किसानों का भला चाहते हैं तो उनके भले के लिए खर्च कीजिए,आपनी राजनीति के लिए उनको ढाल मत बनाइए।
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