दिल्ली में कोरोनावायरस के दौरान NGT ने नहीं दी 15 साल पुराने वाहनों को चलाने की इजाजत

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नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर 15 साल पुराने वाहन चलाने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया। इस याचिका में कहा गया था कि इन पुराने वाहनों को अनुमति देने से कोरोना महामारी के दौरान वरिष्ठ नागरिकों की जान बचाई जा सकती है। एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली निवासी और वरिष्ठ नागरिक कमल सहाय की याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इससे पहले भी इस तरह की याचिकाओं को नामंजूर किया जा चुका है और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी उसके आदेश को बरकरार रखा है।

याचिका में कहा गया था कि देश में मौजूदा महामारी के मद्देनजर NGT के निर्देशों में बदलाव किया जाए ताकि वायरस पर नियंत्रण होने तक सड़कों पर पुराने वाहनों को चलाने की अनुमति मिल सके।

अधिवक्ता शान मोहन और तुषार गुप्ता के माध्यम से याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया, “यह उपाय, आवेदक को प्रस्तुत करने में, वायरस के प्रसार को रोकने और जीवन को बचाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगा। समय-समय पर सरकार द्वारा जारी किए गए विभिन्न स्वास्थ्य सलाहकारों के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों में विशेष रूप से वायरस के लिए सबसे असुरक्षित श्रेणी के लोग हैं।”

याचिका के अनुसार, कोरोनावायरस के व्यापक प्रसार और मामलों की संख्या में भारी वृद्धि के कारण, न्यायाधिकरण के निर्देशों में इस हद तक संशोधन की आवश्यकता है कि पुराने वाहनों के मालिकों को सार्वजनिक सड़कों पर अपने वाहनों का उपयोग करने की अनुमति दी जाए। वायरस का प्रसार पूरे देश में निहित है और आदेशों को छह महीने की अवधि के लिए रोककर रखा जाना चाहिए।

NGT ने 26 नवंबर 2014 के अपने आदेश में ही कहा था कि सभी वाहन, डीजल या पेट्रोल, जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं, उन्हें सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और जब भी इस उम्र के ऐसे वाहनों पर ध्यान दिया जाएगा, संबंधित अधिकारी उन्हें जब्द कर लेंगे।

एनजीटी ने कहा था कि जो वाहन 15 साल से अधिक पुराने हैं, उन्हें किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र में पार्क करने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें पुलिस द्वारा रस्सा और चालान किया जाएगा।

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