लखनऊ। चुनाव आयोग ने कड़ा एक्शन लेते हुए आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे नेताओं पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की चुनावी रैलियों पर 72 और 48 घंटों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. इस दौरान ये दोनों नेता ना तो कोई चुनावी रैली को संबोधित कर पाएंगे और ना ही किसी जनसभा में भाषण दे पाएंगे. दरअसल चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ को नोटिस भेजकर उनसे उनके अली और बजरंगबली वाले बयान पर जवाब मांगा था. योगी आदित्यनाथ ने जवाब में कहा था कि वो आगे से इस तरह का बयान नहीं देंगे।
योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सपा-बसपा और कांग्रेस को अली पर भरोसा होगा लेकिन हमें बजरंगबली पर भरोसा है. वहीं दूसरी तरफ मायावती ने देवबंद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था अगर भाजपा को हराना है तो मुस्लिम बिरादरी के सभी लोग अपना वोट बांटने के बजाय महागठबंधन को एकतरफा वोट दें. चुनाव आयोग ने मायावती से उनके बयान पर सफाई मांगी थी जिसके जवाब में उन्होंने लिखा था कि रैली में उन्होंने बहुजन समाज को संदेश दिया था और मुस्लिम भी उसी का हिस्सा है।
दोनों तरफ से जवाब दाखिल होने के बाद चुनाव आयोग ने दोनों को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना और सोमवार को दोनों नेताओं पर कार्रवाई करते हुए योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे और मायावती पर 48 घंटों तक किसी भी तरह की चुनावी मुहीम पर रोक लगा दी है. यानी मंगलवार सुबह 6 बजे से योगी आदित्यनाथ अगले 72 घंटे और मायावती अगले 48 घंटे ना तो कोई चुनाव प्रचार कर सकते हैं, ना ही कोई रोड शो कर सकते हैं और ना ही किसी चैनल पर कोई इंटरव्यू दे सकते हैं. गौरतलब है 18 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है. ऐसे में दोनों नेताओं की कोशिश थी कि अगले दो दिन जमकर रैलियां कर अपने पक्ष में माहौल बनाया जाए लेकिन चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया।
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