रायबरेली । खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिले के बहुचर्चित महराजगंज के नकली जीरा मामले में आरोपितों पर एडीएम प्रशासन कोर्ट ने एक करोड़ 15 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। दोषियों से जुर्माने की राशि एक माह में वसूल की जाएगी।
एफएसडीए और प्रशासनिक अफसरों को जानकारी मिली थी कि महराजगंज क्षेत्र में नकली जीरे का कारोबार फल फूल रहा है। फूल झाड़ू बीज को जीरा के साथ ज्यादा मात्रा में मिलाकर दुकानों में बेचा जा रहा था। इसकी भनक लगते ही अफसरों की टीम ने 28 नवंबर 2019 को ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान कई स्थानों से करीब 750 क्विंटल नकली जीरा बरामद हुआ था। मामले में एडीएम प्रशासन कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मिलावट का सामान रखने पर 10 लाख और मिलाकर बेचने पर पांच लाख जुर्माना लगाया गया है।
महराजगंज के अमित प्रकाश वर्मा, फूलचंद्र साहू, प्रशांत साहू व पुरानी बाजार चंदापुर के पवन गुप्ता पर 10-10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। गांधी नगर महराजगंज के राजेंद्र प्रसाद बारी, पंकज तथा अतरेहटा निवासी सत्येंद्र केसरवानी, कमलेश मौर्य पर 15-15 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। नकली जीरा मामले में एडीएम प्रशासन कोर्ट से दोषियों पर एक करोड़ 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सभी से एक माह में जुर्माने की राशि वसूली जाएगी। इसके अलावा अमित प्रकाश वर्मा, फूलचंद्र साहू, पवन गुप्ता, प्रशांत साहू के खिलाफ मुकदमे एसीजेएम कोर्ट में भी चल रहे हैं। मिलावटी जीरा बेचने के मामले में आरोपितों को जेल होगी।
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