Solar Rooftop Scheme: बिजली बिल से हैं परेशान, सरकार दे रही जबर्दस्त सब्सिडी

डेस्क। Solar Rooftop Scheme: हम सभी लोग अपने घर में एसी,कूलर,गीजर, हीटर और फ्रिज का इस्तेमाल तो करते ही हैं वहीं इस कारण हर महीने घर का बिजली बिल काफी ज्यादा भी आता है, जिसका सीधा असर हमारी जेब पर दिखाई पड़ता है।
आज के दौर में जब महंगाई काफी तेजी से बढ़ रही है तो ऐसे में अतिरिक्त मात्रा में आने वाला बिजली का बिल एक अलग खर्चा हमारे लिए हो जाता है। वहीं इसीलिए आज हम आपको सरकार की एक बड़ी ही खास स्कीम के बारे में बताने भी जा रहे हैं।
बता दें इस योजना का नाम सोलर रूफटॉप स्कीम (Solar Rooftop Scheme) है। इस योजना का लाभ लेकर आप अपने घरों में सरकारी सब्सिडी की सहायता से सोलर पैनल भी लगवा सकते हैं। इस स्कीम के तहत अपने छतों पर सोलर पैनल लगवाने के बाद आपको हर महीने आने वाले बिजली के बिल से पूरी तरह की आजादी मिल जाएगी। वहीं देश में कई लोग इस स्कीम का लाभ उठा भी रहे हैं। तो आइए जानते हैं सोलर रूफटॉप स्कीम के बारे में…
क्या होती है Solar Rooftop Scheme?
सोलर रूफटॉप एक खास तरह की स्कीम बताई गई है। इसकी शुरुआत भारत सरकार और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय ने मिलकर करी है। इस योजना के तहत 3KW तक के सोलर रूफटॉप के पैनल को छत पर इंस्टॉल करवाने पर लाभार्थी को 40 प्रतिशत तक सरकारी सब्सिडी भी दी जाती है जो व्यक्ति 3KW से 10KW तक सोलर रूफटॉप को अपनी छत पर लगवाते हैं।
इस सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना में खर्च का भुगतान 5-6 साल में करा जाएगा। इस सोलर पैनल योजना के लिए आपको बिजली वितरण कंपनी के नजदीकी कार्यालय से संपर्क भी करना पड़ेगा।
सरकार मोनोपर्क बाइफीशियल टेक्नोलॉजी वाले सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी भी देती है। वहीं इसके रियर और बैक में पावर जनरेटर मौजुद होता है। इसे 4 सोलर पैनल को एक साथ जोड़कर के बनाया जाता है। वहीं इसके 2 किलोवॉट के 4 सोलर पैनल रोजाना 6 से 8 यूनिट बिजली भी पैदा करते हैं। और इससे 2 से 3 पंखे, फ्रिज, 6 से 8 लाइट पानी की मोटर, एसी, गीजर, हीटर टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवास आराम से चलाए जा सकते हैं।
जानिए कैसे करे आवेदन (Solar Rooftop Scheme)
सबसे पहले आपको Solarrooftop.gov.in पर जाना पड़ेगा। अब आपको बता दें कि बिजली कंपनियों की वेबसाइट पर उपभोक्ता संख्या डालते ही आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। आवश्यक लोड, तस्वीर, पहचान पत्र वबिजली बिल अपलोड कर 500 रुपये आवेदन शुल्क को जमा करते है जिसके बाद उनका आवेदन प्रोसेस में आ जाएगा।
इसके आगे की प्रक्रिया के लिए उनको बिजली कंपनी में सूचीबद्ध वेंडरों में से किसी एक का चयन करना होता है। इसके बाद एजेंसी के द्वारा स्थल निरीक्षण कर सोलर प्लांट लगाने की मंजूरी भी दी जायेगी और पूरी प्रक्रिया को वेबसाइट पर ट्रैक भी किया जा सकेगा।

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