Lucknow. भगवान हनुमान की जाति को लेकर जारी सियासी घमासान फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है. अब इस घमाासान में योगी सरकार में खेल मंत्री का ओहदा संभाल रहे चेतन चौहान ने एंट्री मारी है. पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने हनुमान की जाति तो नहीं बताई है लेकिन उनसे जुड़े कई राज खोले हैं. उत्तर प्रदेश के अमरोहा में चेतन चौहान ने कहा- हनुमान जी कुश्ती लड़ते थे, खिलाड़ी भी थे, जितने भी पहलवान लोग हैं, उनकी पूजा करते हैं, मैं उनको वही मानता हूं, हमारे ईष्ट हैं, भगवान की कोई जाति नहीं होती. मैं उनको जाति में नहीं बांटना चाहता. उन्होंने हनुमान को खिलाड़ी बताया है.
आपको बता दें कि 5 राज्यों के चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ के एक बयान से हनुमान जी की जाति पर विवाद शुरू हुआ था. अलवर की रैली में योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जी को दलित बताया. बहस चली कि बजरंग बलि क्या दलित थे? फिर दावे किये गये कि वो आदिवासी थे. तो कुछ ने कहा कि नहीं-नहीं वो वनवासी थे. क्योंकि वो जंगल में रहते थे. चुनाव परिणाम आने के बाद अब भी हनुमान जी जाति ही नहीं घर्म पर भी नेताओं ने जुबानी रिसर्च शुरू कर दिया है. यूपी के बीजेपी नेता बुक्कल नवाब ने दावा किया है कि हनुमान जी तो मुसलमान थे. हनुमान जी के नाम पर ही रमजान, फरमान, कुर्बान जैसे नाम मुसलमानों में रखे जाते हैं.वहीं अब सांसद कीर्ति आजाद ने हनुमान जी को चीनी बता दिया है. कीर्ति आजाद ने कहा है कति, ‘हनुमान जी चीनी थे.
हर जगह यह अफवाह उड़ रहा है कि चीनी लोग दावा कर रहे हैं कि हनुमान जी चीनी थे.’ वहीं, बीजेपी सांसद उदित राज ने हनुमान को आदिवासी बताया. उत्तर प्रदेश के धर्मार्थ कार्य मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने विधान परिषद में बहस के दौरान हनुमान को जाट बता दिया.उन्होंने कहा था, ‘जो दूसरों को दिक्कत में देखकर कूद पड़ते हैं, वह जाट ही हो सकता है. इसलिए हनुमान जाट थे.’ केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सोंघ ने हनुमान को दलित नहीं आर्य बताया तो शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने उन्हें ब्राह्मण बताया. बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने तो यह तक कह दिया कि हनुमान तो बंदर थे और बंदर पशु होता है, जिसका दर्जा दलित से भी नीचे होता है. वो तो राम ने उन्हें भगवान बना दिया.
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