दहेज का दंश

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रिपोर्ट- केशवा नन्द शुक्ला
रायबरेली l दहेज प्रथा रोकने के लिए चाहे जितने सख्त कानून क्यो न बने हो पर उस कानून को जमीनी स्तर पर लाने में नको चने चबाने पड़ रहे है एक ऐसा ही मामला रायबरेली से सामने आया है जिसमे एक युवती का विवाह तो तय हो गया और विवाह के कार्ड भी छप व बट गए पर जब विवाह की तारीख नजदीक आई तो लड़के वालो ने दहेज की मांग में वृद्धि कर दी जिसको लेकर लड़की वालों ने असमर्थता जताई तो लड़को वालो ने रिश्ता ही तोड़ दिया और दूसरी शादी तय कर ली। परेशान लड़की के परिजन पुलिस की चौखट पर पहुचे और न्याय की गुहार लगाई।
मामला रायबरेली जिले के सरेनी थाना क्षेत्र के भोजपुर का है जहा एक दहेज लोभी परिवार ने निकाह केवल इस बात पर तोड़ दिया क्योंकि उसे दहेज में गाड़ी नही मिलनी थी।।शाहीना और अखतर के निकाह की तारीख 30 अक्टूबर तय कर दी गयी ।जब शाहीन और उसके  परिवार वाले 16 अक्टूबर को मुम्बई से रायबरेली निकाह की तैयारी के लिए आने लगे तो लड़के वालों ने उन्हें कॉल करके यह कहा कि अगर गाड़ी भी दे सकते है आप लोग तो आइए निकाह तब होगा नही तो दूसरी निकाह के लिए लड़का तैयार है और  कार्ड भी छप चुके है तो तुम लोग अब मत आना जिससे परिवार   सदमे है ।
और जब यह पीड़ित परिवार थाने पहुचा तो वहाँ भी इसके हाथ निराश ही लगी जिसके बाद पीड़िता के परिजन पुलिस अधीक्षक की चौखट पर पहुचे और न्याय की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने न्याय का भरोसा दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या पुलिस अधिक्षक के पास आने के बाद पीड़िता को न्याय मिल पायेगा या नही।

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