म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ग्रोथ की राह पर, तेजी से मिल रहीं नौकरियां

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म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2018-19 में इस इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों की संख्या में 28 फीसदी का इजाफा हुआ है। फाइनैंशल मार्केट्स में कमजोरी के बावजूद इंडस्ट्री के प्रॉडक्ट्स की मांग कम नहीं हुई है।
फंड मैनेजरों का मानना है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को छोटे-छोटे शहरों तक पहुंचने का फायदा मिला है, जिसके चलते वह अपने स्टाफ की संख्या को बढ़ाने में सफल हुई है। हालांकि उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2019-20 में भर्ती की दर घट सकती है।

कर्मचारियों की संख्या से जुड़ी फर्म वीटोऑल्टर के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में ICICI प्रूडेंशल म्यूचुअल फंड में स्टाफ की संख्या 62 फीसदी बढ़कर 2,100 तक पहुंच गई है, जबकि HDFC ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी में काम करने वाले लोगों की संख्या 25 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,600 हो गई है। इसी तरह, बीते वित्त वर्ष के दौरान रिलायंस निपॉन लाइफ म्यूचुअल फंड में स्टाफ की संख्या 26 फीसदी बढ़कर 1,700 तक पहुंच गई जबकि एसबीआई म्यूचुअल फंड में काम करने वाले लोग 31 फीसदी बढ़कर 1,700 के पार हो गए।

वीटोऑल्टर के मुताबिक, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 8 से 12 फीसदी तक का इंटरनल इंक्रीमेंट दिया था। इसके अलावा कंपनियों ने बाहर से आने वाले लोगों को 20 से 30 फीसदी तक का हाइक भी दिया।

डोमेस्टिक फंड हाउस भारतीय बाजार में रिटेल एसेट्स पर फोकस बढ़ा रहे हैं, ताकि वे टॉप-30 शहरों के इतर अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकें। रिलायंस निपॉन AMC के सीईओ संदीप सिक्का ने कहा, ‘हमने 120 लोकेशन को जोड़ा है और हम 300 भारतीय क्षेत्रों में मौजूद हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे-जैसे दूरदराज के इलाकों में हम बढ़ेंगे, भारत में हमारा बाजार बढ़ेगा और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री से नए ग्राहक भी जुड़ेंगे। इस ग्रोथ को मजबूती देने के लिए वर्कफोर्स की जरूरत होगी। 130 करोड़ की आबादी वाले देश में सिर्फ दो करोड़ म्यूचुअल फंड निवेशक हैं। इस इंडस्ट्री में कई अवसर हैं।’

एम्फी-बीसीजी के अनुमान के मुताबिक, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अगले दो दशकों में निवेशकों के आधार को दो करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ तक करना चाहती है। साथ ही, अपने ऐसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को भी वह 25 लाख करोड़ रुपये से चार गुना तक बढ़ाकर 100 लाख करोड़ रुपये करना चाहती हैं।

आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC के सीईओ ए बालासुब्रमण्यन ने कहा, ‘हम देश के 300 इलाकों में मौजूद हैं। हम भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम हर साल लोगों की भर्ती कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों में मौजूदगी दर्ज करवाएं।’

वित्त वर्ष 2018-19 में म्यूचुअल फंडों में निवेश काफी तेजी से बढ़ा है। इस दौरान 1.11 करोड़ फोलियो जुड़े हैं, जो इसकी कुल संख्या को 8.24 करोड़ तक ले गया है। वित्त वर्ष 2018-19 में वार्षिक SIP निवेश 93,000 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2016-17 में 44,000 करोड़ रुपये का था।

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