कमलनाथ को मध्यप्रदेश की कमान, सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया

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भोपाल.मध्यप्रदेश में कमल नाथ ही होंगे अगले सीएम. प्रदेश कांग्रेस कमिटी के दफ़्तर में विधायक दल की बैठक के दौरान रात 11 बजे सीएम के नाम की औपचारिक घोषणा की गई. इससे पहले विधायक दल की बैठक में कमल नाथ को सर्वसम्मति से नेता चुना गया. इस दौरान कमल नाथ के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, पर्यवेक्षक एके एंटनी व प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया भी मौजूद थे. कमल नाथ ने सभी विधायकों को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया और समर्थकों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि मैने ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया के साथ काम किया था,

इसलिए मैं उनका ख़ास शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मेरे नेतृत्व में भरोसा दिखाया. उन्होंने कहा, ‘यह पद मेरे लिए मील का पत्थर साबित हुआ है. 13 दिसंबर को ही इंदिरा गांधी छिंदवाड़ा आईं थी और मुझे जनता को सौंपा था. आज ही के दिन मुझे यह महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी दी गई है. मैने संजय गांधी, राजीव गांधी, माधवराव सिंधिया के साथ काम किया है और अब उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ काम करने का मौक़ा मिल रहा है. सभी का दिल से शुक्रिया.’

वहीं कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल पर भी कमल नाथ को मध्यप्रदेश के अगले सीएम बनने की बधाई दी गई. इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि राज्य में कोई उप-मुख्यमंत्री पद नहीं होगा. कांग्रेस ने ट्वीटर हैंडल पर कमल नाथ को बधाई देते हुए लिखा, ‘कमल नाथ को मध्यप्रदेश का अगला मुख्यमंत्री चुने जाने की बधाई, हमें उम्मीद है कि उनके साथ मध्यप्रदेश का दौर बदलेगा.’

वहीं अर्जुन सिंह के पुत्र और विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह ने एक ट्वीट में लिखा ‘कांग्रेस विधायक दल द्वारा कमलनाथ जी को सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने पर हार्दिक बधाई. आपके ऊर्जावान नेतृत्व में कांग्रेस अपने वचनपत्र को पूरा करेगी और मध्यप्रदेश को समृद्धि की नई की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी.’

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कमल नाथ को अपना तीसरा बेटा मानती थीं, जिन्होंने 1979 में मोरारजी देसाई की सरकार से मुकाबले में मदद की थी. 39 साल बाद 72 वर्षीय कमलनाथ ने इंदिरा के पोते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए भी मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दमदार भूमिका निभाई.

इससे पहले गुरुवार को राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास पर लगभग 4-5 घंटे की बैठक हुई. बैठक के बाद ही मुख्यमंत्री पद के लिए कमल नाथ के नाम पर मुहर लग गई थी.

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