संभल हिंसा: राजनीति गरमाई, कांग्रेस नेता का दौरा रोकने की कोशिश!

संभल हिंसा: राजनीति गरमाई, कांग्रेस नेता का दौरा रोकने की कोशिश! क्या है पूरा मामला?

क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के बाद राजनीति में भूचाल आ गया है? कांग्रेस नेता अजय राय के संभल दौरे पर रोक लगाने की कोशिशें और उनके जवाब में आ रही तीखी प्रतिक्रिया ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा रखी है। आइए, जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी!

संभल में बढ़ती राजनीतिक तल्खी

संभल में हाल ही में हुई हिंसा ने पूरे प्रदेश में सदमा पहुँचाया है। इस घटना के बाद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने संभल का दौरा करने की घोषणा की। लेकिन, यहाँ पर सियासत शुरू हो जाती है! यूपी पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी करके संभल का दौरा स्थगित करने को कहा। पुलिस का कहना है कि उनके दौरे से अराजकता फैल सकती है।

पुलिस की सख्ती, बढ़ाई गई सुरक्षा

कांग्रेस के संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए, लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने बैरिकेडिंग की है और पीएसी जवानों की तैनाती की है। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस नेताओं का दौरा रोकने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।

अजय राय का पलटवार: ‘शांतिपूर्वक जाऊंगा’

अजय राय ने पुलिस के नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उन्होंने मुझे नोटिस जारी किया है और कहा है कि मेरे दौरे से अराजकता फैलेगी. निश्चित रूप से हम भी अराजकता नहीं बल्कि शांति चाहते हैं। लेकिन पुलिस और सरकार ने वहां जो अत्याचार और अन्याय किया है, मैं चाहता हूं कि मेरे नेतृत्व में इसका पता चले। उन्होंने मुझे नोटिस दिया है लेकिन मैं वहां शांतिपूर्वक जाऊंगा।”

कांग्रेस का संभल जाने का प्लान पहले से ही बना हुआ था

कांग्रेस नेता ने यह भी साफ़ किया कि संभल जाने का प्लान पहले से ही बना हुआ था और वो इसे किसी भी हालात में पूरा करेंगे। उन्होंने प्रशासन के इस रवैये को लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात बताया है।

बाहरी लोगों पर रोक, और सपा का ऐलान

संभल में हिंसा के बाद, बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक को 10 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से कांग्रेस ही नहीं, बल्कि अन्य विपक्षी दलों को भी निशाना बनाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने संभल हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है, और यूपी सरकार से 25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।

सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर

इस घटनाक्रम के बाद से ही सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दल बीजेपी सरकार पर निशाना साध रहे हैं, और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। सरकार का कहना है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्या होगा आगे?

अजय राय संभल जाएँगे या नहीं, यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा। लेकिन इतना ज़रूर है कि यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में आगे क्या होता है और क्या यह और भी तल्खी पैदा करेगा।

Take Away Points:

  • संभल में हुई हिंसा के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ा है।
  • कांग्रेस नेता अजय राय के संभल दौरे पर रोक लगाने की कोशिश की गई।
  • पुलिस ने लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है।
  • समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
  • सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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