शरण देने वाला भी गिरफ्तार, गैंगस्टर कुलदीप उर्फ फज्जा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया

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नई दिल्ली। जीटीबी अस्पताल में पुलिस हिरासत से भागा कुख्यात बदमाश कुलदीप मान उर्फ फज्जा पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया है। स्पेशल सेल ने रोहिणी सेक्टर 14 में छिपे कुलदीप उर्फ फज्जा को मुठभेड़ में मार गिराया। 25 मार्च को कुलदीप को मंडोली जेल से इलाज के लिए लाया गया था, तभी उसके साथी बदमाशों ने पुलिस टीम की आंखों में मिर्च झोंककर उसे छुड़ा लिया था। इस बीच पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ भी हुई थी जिसमे रवि नाम का बदमाश मौके पर ढेर हो गया था और अंकेश नाम के बदमाश को गोली लगी थी। जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। फज्ज़ा बाकी साथियों के साथ फरार हो गया था।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जीटीबी अस्पताल से भागकर कुलदीप सीधे रोहिणी सेक्टर 14 ही पहुचा था। वहां वह जिम ट्रेनर योगेंद्र दहिया के फ्लैट में छिपा था। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। कुलदीप, योगेंद्र को खुद नहीं जानता था। किसी बदमाश के जरिए कुलदीप की योगेंद्र से परिचय हुआ था। उसकी भी पहचान कर ली गई है।

पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने की पुलिसकर्मियों की तारीफ

पुलिस का कहना है कि कुलदीप को भगाने से पहले ही उसके छिपने का स्थान तय कर लिया गया था। घटना के तीन दिन के अंदर स्पेशल सेल द्वारा कुख्यात कुलदीप को मुठभेड़ में मार गिराने को लेकर यह सेल की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इस घटना को लेकर पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव का कहना है कि इससे समाज को राहत मिलेगा। कुलदीप उर्फ फज्जा पर 70 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। मार्च 2020 में स्पेशल सेल ने इसको गैंगस्टर गोगी के साथ हरियाणा से गिरफ्तार किया था। तभी से यह मंडोली जेल में बंद था।

मोस्ट वांटेड लिस्ट में कुलदीप छठे नंबर पर था

3 मार्च 2020 को कुलदीप को दिल्ली के वांटेड लिस्ट के नंबर वन क्रिमिनल जितेंद्र गोगी के साथ गुरुग्राम से स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। गोगी समेत कुल चार गैंगस्टर गिरफ्तार किए गए थे जिन पर साढ़े दस लाख का इनाम था। ये दिल्ली में एक साथ इतने बड़े गैंगस्टर्स की पहली बार गिरफ्तारी थी। गिरफ्तारी के समय दिल्ली पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में गोगी पहले नंबर पर जबकि कुलदीप छठे नंबर पर था। इनसे 6 इंपोर्टेड पिस्टल और 70 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।

एक फ्लैट में छिपा था कुलदीप

मिली जानकारी के अनुसार, गैंगस्टर कुलदीप प्ररोहिणी सेक्टर 14 में स्थित एक फ्लैट में छिपा था। पुलिस ने छापेमारी की तो फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में गोली ने भी गोली चलाई। पुलिस की गोली कुलदीप को लग गई और उसे गंभीर हालत में अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस डाल रही थी दबिश

जीटीबी अस्पताल में तीसरी बटालियन के पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर कुख्यात कुलदीप मान उर्फ फज्जा को भगा ले जाने वाले बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही थी। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कुलदीप को भगाने के दौरान मुठभेड़ में घायल हुए बदमाश अंकेश के पकड़े जाने पर उससे पूछताछ में घटना में शामिल आठ बदमाशों के बारे में जानकारी मिली थी।

अंकेश से पूछताछ में फारूख नगर निवासी रिंकू के बारे में जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस की टीम ने शुक्रवार को गुरुग्राम पुलिस के साथ मिलकर उसके घर पर दबिश दी थी, लेकिन वह नहीं मिला। इसके स्वजन घर में ताला जड़कर फरार हैं। जांच से पता चला है कि कुलदीप को भगाकर ले जाने में सोनीपत, रोहतक, बहादुरगढ़ व गुरुग्राम के फारूखनगर के बदमाश शामिल थे। ये सभी कुख्यात जितेंद्र मान उर्फ गोगी, काला जठेड़ी व लारेंस बिश्नोई गिरोह गिरोह के बदमाश हैं।

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