रायपुर. केरल में फैले निपाह वायरस के आतंक व केरल से राजधानी के जुड़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार देर शाम राज्य महामारी नियंत्रक की ओर से जारी आदेश में इसके संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव संंबंधी निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देश में अचानक किसी परिवार या समुदाय में अचानक बुखार के साथ मानसिक बदलाव अथवा झटके की स्थिति में जिले या राज्य के सर्वेलेंस अधिकारी को सूचित करने के साथ उनके गले, ब्लड, यूरिन अथवा सीएसएफ सैंपल राष्ट्रीय वायरोलॉजी संस्थान, पुणे भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं किसी व्यक्ति में लक्षण दिखने पर 21 दिनों तक सर्वेलेंस पर रखने कहा है। इस वायरस के कारण केरल में अब तक आधा दर्जन लोग जान गंवा चुके हैं।
क्या है निपाह वायरस
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से जारी एडवाइजरी में इसका प्राकृतिक स्रोत चमगादड़ों की विशेष प्रजाति को बताया गया है, ऐसे में इनके द्वारा खाए गए फलों को किसी व्यक्ति या जानवर द्वारा उपभोग करने पर संक्रमण फैल सकता है। साथ ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी इसके संक्रमण का खतरा बताया गया है।
इस तरह दिखाता है असर
– 4-18 दिन तक तेज बुखार और सिरदर्द।
– बुखार के साथ मानसिक बदलाव या झटके।
– इंफेक्शन के शुरुआत में सांस लेने में समस्या, न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी।
– दिमाग में सूजन।
– मांसपेशियों में दर्द।
पर्यटकों के आवागमन से फैल सकता है संक्रमण
छत्तीसगढ़ के पर्यटक गर्मी की छुट्टियों में केरल जाना पसंद करते हैं। ऐसे में लोगों के वहां से संक्रमित होकर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। साथ ही कुछ चुनिंदा फलों सहित खाद्यान्न का आयात भी प्रभावित क्षेत्र से होता है।
अलर्ट जारी
सोमवार को बीएमओ की बैठक में निपाह वायरस के प्रभाव से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। इस पर गुरुवार शाम को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. केएस शांडिल्य, सीएमएचओ, रायपुर
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