शुक्रवार को सुबह लगभग 12 बजे तक आईआरसीटीसी की बेबसाइट बंद होने से रेलयात्रा करने वालों को ऑनलाइन टिकट खरीदने में भारी मुसीबतों को सामना करना पड़ा। आईआरसीटी के अधिकृत ऑनलाइन टिकट विक्रेताओं के अनुसार आईआरसीटी की साइट को सलमान नाम के एक व्यक्ति ने एक विशेष साफ्टवेयर के जरिए हैक कर लिया था। जिसकी वजह से पूरे देश में आईआरसीटी की वेबसाइट काम करना बंद कर दिया था। दोपहर लगभग 12 बजे के आस-पास दोबारा काम करना शुरू किया। इसकी वजह से एक दिन में ग्राहकों को लगभग तीन करोड़ रूपए का चूना लगा।
इस बारे में जब आईआरसीटी के मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ सिंह से बात की गयी तो उन्होंने हैकिंग की बात से इंकार करते हुए इसे तकनीकी खराबी बताया। सिद्धार्थ सिंह ने कहा इस तरह की तकनीकी खामियां आती रहती हैं जिन्हें दूर किया जाता रहता है। उन्होंने भी माना कि लगभग एक करोड़ का नुकसान हुआ है। बता दें कि तत्काल बुकिंग ट्रेन के प्रस्थान करने से एक दिन पहले, दिन के 10:00 बजे से एसी क्लास के लिए और 11:00 बजे से नॉन एसी क्लास के लिए प्रारंभ होती है। आईआरसीटी की साइट और ऐप दोनों के डाउन हो जाने की वजह से यात्रियों ने तत्काल टिकट बुक न कर पाने की भी शिकायत की।
इस बीच आईआरसीटीसी की वेबसाइट में सेंध लगाने वालों के खिलाफ आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने बनारस में मंगलवार की देर शाम एक कंप्यूटर सेंटर पर छापेमारी कर ई-टिकट बनाने के फर्जीबाड़े का भंडाफोड़ किया था। साथ ही कई उपकरण और लाखों रुपए के टिकट बरामद कर एक आरोपी को धर दबोचा। हांलाकि मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
मामला वाराणसी के फूलपुर स्थित सिंधौरा बाजार का है। जिसमें आरपीएफ के खुफिया विभाग को जानकारी मिली थी कि सिंधौरा बाजार स्थित एक कंप्यूटर सेंटर से बड़े पैमाने पर ई- टिकट का फर्जीवाड़ा चल रहा है। फर्जीवाड़े के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल और सीआईबी टीम ने कंप्यूटर सेंटर पर छापेमारी कर वाराणसी के राजपुर गांव निवासी सेंटर मालिक सर्वेश मौर्य को धर दबोचा था। जिससे भारी मात्रा में कैश, ई-टिकट, लैपटॉप, प्रिंटर आदि जब्त किए गए थे।
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