दिल्ली प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-IV में ढील देने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू प्रतिबंधों में ढील देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि GRAP के चौथे चरण (GRAP-IV) के तहत लागू इमरजेंसी उपाय 2 दिसंबर तक जारी रहेंगे, हालांकि स्कूलों से जुड़े नियमों में कुछ ढील दी गई है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: GRAP-IV जारी रहेगा

दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाई गई रणनीति में कोई ढील नहीं दी है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि GRAP-IV के तहत लागू प्रतिबंध 2 दिसंबर तक जारी रहेंगे। इस फैसले से दिल्ली-NCR के लोगों को प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त उपायों का पालन करना होगा। हालांकि, कोर्ट ने स्कूलों को लेकर कुछ राहत दी है।

स्कूलों में हाइब्रिड मोड की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों को लेकर कुछ ढील दी है। कोर्ट ने कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों में फिजिकल क्लासेज पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार करें। इस ढील से स्कूल हाइब्रिड मोड में चल सकेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई कम प्रभावित होगी।

अधिकारियों की ‘निपुण विफलता’: सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी

जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने अपनी सुनवाई में कहा कि अधिकारियों की ओर से GRAP-IV के प्रावधानों को सही तरीके से लागू न करने की ‘निपुण विफलता’ देखी गई है। कोर्ट ने इस पर गंभीर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

CAQM को दिए गए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने CAQM को GRAP-IV से GRAP-III या GRAP-II की ओर बढ़ने के सुझावों पर काम करने को कहा है। इसका मतलब है कि अगर प्रदूषण का स्तर कम होता है, तो प्रतिबंधों में कुछ ढील दी जा सकती है। हालांकि, यह निर्णय CAQM द्वारा किए गए आकलन के आधार पर होगा।

आजतक की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने आजतक की एक खबर का भी संज्ञान लिया, जिसमें किसानों ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने उन्हें पराली जलाने की सलाह दी थी। कोर्ट ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया और कहा कि अगर इस खबर में सच्चाई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ट्रकों पर बैन को लेकर कार्रवाई का आदेश

GRAP-IV के तहत गैर-आवश्यक सामान लाने वाले ट्रकों पर प्रतिबंध लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने CAQM को निर्देश दिया है कि वे उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने इस प्रतिबंध को लागू करने में विफलता दिखाई है।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण से निपटने की चुनौती

दिल्ली-NCR में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है जो लोगों के स्वास्थ्य और जीवन को प्रभावित करती है। GRAP जैसी रणनीतियों के माध्यम से प्रदूषण को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से प्रदूषण नियंत्रण के प्रति एक मजबूत संदेश गया है और आने वाले समय में प्रदूषण से निपटने के लिए कड़े उपायों की उम्मीद है।

आगे क्या?

आगे आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और CAQM की समीक्षा के आधार पर GRAP के स्तर में बदलाव हो सकता है। दिल्ली के लोगो को आशा है कि कोर्ट के इस फैसले से प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी और वो स्वच्छ हवा में सांस ले सकेंगे।

Take Away Points

  • सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-IV के तहत प्रतिबंधों में ढील देने से इनकार कर दिया है।
  • स्कूलों में हाइब्रिड मोड की अनुमति दी गई है।
  • अधिकारियों की ‘निपुण विफलता’ पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की।
  • CAQM को GRAP के स्तर में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • आजतक की रिपोर्ट पर कोर्ट ने संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए हैं।

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