बड़ा नक्सली हमला, 15 जवान शहीद

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गढ़चिरौली।  जिले में बुधवार को नक्सलियों द्वारा किए गए एक आईईडी विस्फोट में 15 सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विस्फोट से पहले नक्सलियों ने एक सड़क निर्माण ठेकेदार के 25 वाहनों को जला दिया था।

यहां गढ़चिरौली एरिया कमेटी के नक्सली सक्रिय हैं जो महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा पर लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। तीन एरिया कमेटी का सेंटर एरिया है। बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 150 की संख्या में नक्सली वहां मौजूद थे। घटना में कई जवान घायल भी हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

खबरों के मुताबिक, गाड़ी में सी-60 कमांडो का दस्ता था और जवान भी इसी फोर्स के शहीद हुए हैं। यह फोर्स पिछले साल इन्हीं दिनों काफी चर्चा में थी। दरअसल, तब सी-60 कमांडोज ने गढ़चिरौली में भी बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इसमें करीब 39 नक्सलियों को मार गिराया गया था।

कांग्रेस ने हमले की निंदा की है। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर लिखा, ‘गढ़चिरौली में सी-60 कमांडो पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। शहीदों के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। उनका बलिदान बेकार नहीं जाएगा। पिछले पांच सालों में नक्सली हमलों में 390 जवान शहीद हुए हैं। यह भारत को सुरक्षित करने के मोदी सरकार के खोखले दावों का पर्दाफाश करता है।’

सी-60 कमांडो

नक्सल खतरों को ध्यान में रखते हुए 1992 में सी-60 कमांडो फोर्स तैयार की गई थी। इसमें पुलिस फोर्स के खास 60 जवान शामिल होते हैं। यह काम गढ़चिरौली के तब से एसपी के.पी. रघुवंशी ने किया था। सी-60 में शामिल पुलिसवालों को गुरिल्ला युद्ध के लिए भी तैयार किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, बिहार और नागपुर में होती है। फोर्स को महाराष्ट्र की उत्कृष्ट फोर्स माना जाता है। रोजाना सुबह खुफिया जानकारी के आधार पर यह फोर्स आसपास के क्षेत्र में ऑपरेशन को अंजाम देती है। सी-60 के जवान अपने साथ करीब 15 किलो का भार लेकर चलते हैं। जिसमें हथियार के अलावा, खाना, पानी, फर्स्ट ऐड और बाकी सामान शामिल होता है।

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