बेखौफ चल रहे कुशीनगर में सरकारी शिक्षकों के अवैध कोचिंग सेंटर पर छापा

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( जनसंदेश ऑनलाइन खबर का असर )
पडरौना,कुशीनगर : सरकारी शिक्षकों द्वारा अवैध रूप से चलाये जा रहे कोचिंग सेन्टरो के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग ने शनिवार के नगर के दो कोचिंग सेन्टरो पर छापेमारी की। इस दौरान द स्टडी प्वाइंट कोचिंग सेन्टर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी एसएन प्रजापति ने प्राथमिक विद्यालय जंगल बेलवा के हेडमास्टर शरद कुमार गुप्ता को रंगेहाथो कोचिंग पढ़ाते हुए पकडा है। साक्ष्य के तौर पर श्री प्रजापति  ने शरद कुमार गुप्ता  को क्लास मे पढाते हुए वीडियो रिकार्डींग भी  कराया है। फिर उसके बाद खण्ड शिक्षा अधिकारी बेलवा चुंगी स्थित स्टूडैंट ट्यूटोरियल पर पहुचे जहा भनक लगते ही सरकारी शिक्षक प्रेम गुप्ता कोचिंग बन्द कर फरार हो गये।
गौरतलब है कि शासकीय शिक्षकों के लिए कोचिंग /ट्यूशन पढाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।वावजूद इसके पडरौना नगर सहित जनपद के उपनगरो मे प्राथमिक विद्यालय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक शिक्षा परिषद के शिक्षक बेखौफ ट्यूशन/कोचिंग पढाकर सरकारी आदेश को ठेगा दिखा रहे है। इन शिक्षकों को न तो बीएसए का खौफ है न डीआईओएस का डर था। इन्हें जिले के आला अफसर कहे जाने वाले कलेक्टर का भी खौफ नहीं है। इस खबर को दो मांह पुर्व जनसंदेश ऑनलाइन ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी इसके बाद इस मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा अवैध कोचिंग सेंटर पर छापामारी कर कार्रवाई की है |
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा है कोचिंग
जनपद मे अबैध कोचिंग की बाढ आ गई है। सरकारी व सहायता प्राप्त गैरसरकारी शिक्षण संस्थानो के शिक्षक जहा चौक- चौराहे और गली-मोहल्ले में बिना किसी मानक और  पंजीयन के हजारो की संख्या मे कई शिफ्ट मे  कोचिंग पढा रहे है। वही अनट्रेंड शिक्षक जिनके पास योग्य शिक्षक होने का कोई प्रमाण नहीं है वह भी सरकारी स्कूल के अध्यापकों के पदचिह्नों पर अपने अबैध कारोबार को बेखौफ आगे बढा़ रहे है।
 कोचिंग ने चौपट किया स्कूली शिक्षा-व्यवस्था 
सरकारी व शासकीय विद्यालयो के शिक्षकों  द्वारा कोचिंग /ट्यूशन के रूप मे शुरु किया गया अबैध कारोबार ने जनपद की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। नतीजतन विभाग और सरकारी व शासकीय शिक्षकों के मिलीभगत से संचालित कोचिंग सेन्टरो के वजह से स्कूलों में छात्रो की उपस्थिति दिन-ब-दिन लगातार कम होती जा रही है। परिणामस्वरूप विद्यालयो मे कक्षाएं सूनी रहती है जबकि कोचिंग संस्थानो पर विद्यार्थियो की भारी संख्या मे भीड देखी जा रही है।
सरकारी स्कूल के शिक्षक और कोचिंग संचालक विभाग को चढ़ाते है चढ़ावा
विश्वस्त सूत्रो की माने तो सरकारी एवं शासकीय विद्यालयो के शिक्षक व अबैध कोचिंग संचालकों का हौसला इस लिए बढा़ है क्योंकि इनके द्वारा हर माह विभाग को मोटी रकम के रूप मे चढ़ावा चढ़ाया जाता है। यही कारण है कि विभाग कोचिंग सेन्टरो और सरकारी/शासकीय अध्यापकों के खिलाफ लगातार शिकाइत मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
क्या है कोचिंग अध्यादेश 
कोचिंग अध्यादेश -2002 में स्पष्टरुप से कहा गया है कि सहायता प्राप्त सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयो के शिक्षक-शिक्षिकाएं न तो कोचिंग -ट्यूशन पढायेगा और न ही कोचिंग संचालक उनकी सेवा ले सकेगे। अध्यादेश  मे कोचिंग- ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों  की सेवा समाप्ति का प्राविधान रखा गया है। इसके अलावा जिन  कोचिंग संस्थान मे सहायता प्राप्त सरकारी व गैरसरकारी अध्यापक कोचिंग पढ़ाते हुए पकोडे जाते है उस कोचिंग संचालक पर एक लाख रूपये तक जुर्माना वसूल करने प्रावधान निर्धारित किया गया है।
हजारो की संख्या मे लगती है छात्रो की भीड
पडरौना नगर सहित जनपद के कसया,कुशीनगर,हाटा,तमकुही, खड्डा,कप्तानगंज सहित चौक-चौराहा और गली-मोहल्ले मे संचालित कोचिंग सेन्टरो पर कही भी  मानक का ख्याल नहीं रखा गया है। मार्गीदरबे की तरह बने क्लासरूम मे डेड सौ से लगायत दो सौ बच्चे बैठकर कोचिंग के मास्टर साहब का लेक्चर सुनने के लिए दो हजार से ढाई हजार रूपये दते है जबकि विद्यालयो मे हवादार क्लासरूम मे चालीस छात्रो को बैठाने का नियम है। सूत्र बताते है कि तमाम कोचिंग संस्थाओ पर न बैठने की अच्छी व्यवस्था है, न पीने के सुबहित पानी का इन्तजाम है और न ही टायलेट की व्यवस्था है जिसके वजह से खासकर छात्राओं को काफी दिक्कतो का सामना करना पडता है।
आये दिन होती है मार-पीट और छेड़खानी 
पडरौना नगर मे संचालित तकरीबन दो दर्जन कोचिंग सेन्टरो पर आये दिन छेड़खानी और मारपीट की घटना देखने को मिलती है। मजे की बात यह है कि छात्राओं के साथ छेड़खानी व मारपीट करने वाले छात्रो के खिलाफ कोचिंग संचालक भी  कोई कार्रवाई नही करते है। वैसे तो इस दुव्यवस्था से कोई कोचिंग अछूता नही है। लेकिन डिग्री कालेज रेलवे स्टेशन रोड जाने वाली सडक के किनारे स्थित ” दयाल कोचिंग सेन्टर” पर सबसे ज्यादे इस तरह की घटना देखने को मिलती है। यहा पढाने वाले कुछ शिक्षक ऐसे है जिनके पास योग्य शिक्षक की कोई योग्यता नही है तो कुछ ऐसे भी शिक्षक कोचिंग पढाते है जो शासकीय विद्यालयो मे अध्यापक है।वावजूद इसके विभाग द्वारा कभी कोई कार्रवाई नहीं किया गया है जबकि इस कोचिंग के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग एवं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को दर्जन शिकायती पत्र दिये गये है।

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