उज्जैन। इस होटल का निर्माण बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में विभिन्न सोसायटियों की आवासीय जमीन पर बगैर भूमि डायवर्सन के नक्शा स्वीकृत कराकर किया गया था। हाईकोर्ट ने इस 6 मंजिला होटल को ढहाने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि इस होटल निर्माण 3 हिस्सों में हुआ था।
इस इमारत को ध्वस्त करने के लिए कवायद कुछ दिनों से चल रही थी। जेसीबी, पोकलेन से दीवारें तोड़ी थी जिसके बाद कुल 101 पिलर सामने आए। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आज बुधवार 3 जुलाई को 20 करोड़ रुपए की लागत से अवैध रूप से बनाई गई 6 मंजिला होटल शांति क्लार्क इन सुईट्स की इमारत बुधवार को बारूद लगाकर ध्वस्त कर दिया गया. होटल के दो हिस्सों को 34 किलो विस्फोटक लगाकर उड़ाया गया. इसका शेष हिस्सा गुरूवार 4 जुलाई को तोड़ा जाएगा।
फिर इन पिलरों में बारूद भरा गया. इंदौर के विस्फोटक एक्सपर्ट शरद सरवटे के निर्देशन में इस होटल को ध्वस्त किया गया। पलक झपकते ही 20 करोड़ की लागत वाली ये होटल जबर्दस्त धमाके के साथ जमींदोज हो गई. विस्फोट के दौरान धूल का गुबार निकला और होटल के दो हिस्से जमींदोज हो गए।
इमारत में विस्फोट के पहले जनसामान्य की सुरक्षा के लिहाज से नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल के निर्देश पर पास की होटल विक्रमादित्य को खाली करा लिया गया था. इसके अलावा हरिफाटक ब्रिज और महामृत्युंज द्वार से ट्रैफिक डायवर्ट करने और अनाधिकृत व्यक्तियों को कार्रवाई स्थल से दूर रखा गया।
यह होटल अफसरों से मिलीभगत कर नियम विरुद्ध बनाया गया था. इसे ढहाने में 34 किलो बारूद का उपयोग किया गया. इस पर 20 लाख रुपए से ज्यादा खर्च हुए जिसे होटल मालिक से वसूला जाएगा।
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