नई दिल्ली । बैंकों के विलय की घोषणा के खिलाफ कर्मचारियों ने अगले सप्ताह हड़ताल की घोषणा की है। इसकी वजह से आने वाले सप्ताह में चार दिन बैंक बंद रहेंगे। अगर बैंक में आपका कोई पेंडिंग काम है तो उसे फटाफट निपटा लें, क्योंकि अगले सप्ताह बैंकों की बड़ी हड़ताल होने वाली है। इसकी वजह से चार दिन तक बैंक बंद रहेंगे। बैंकों की ये बंदी सात दिन तक के लिए बढ़ सकती है।
बैंक ऑफिसर्स यूनियन ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ 26 व 27 सितंबर को हड़ताल की घोषणा की है। इसके बाद 28 सितंबर को चौथा शनिवार होने की वजह और फिर 29 सितंबर को रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे। चार दिनों तक बैंकों की बंदी की वजह से महीने के अंतिम दिन 30 सितंबर को भी बैंक सेवा प्रभावित रह सकती हैं।
इस दिन बैंकों में बहुत भीड़ होने और क्लोजिंग के प्रेशर की वजह से ग्राहक सेवाओं के लिए बैंक उपभोक्ताओं को थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है।सरकार के फैसले के खिलाफ, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंकों के विलय के विरोध में हड़ताल का आव्हान किया है। बैंक हड़ताल को अन्य कर्मचारी संगठनों का भी सहयोग मिल चुका है। त्यौहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले बैंकों की इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली प्रदेश बैंक वर्कर्स आर्गनाइजेशन ने 30 सितंबर और एक अक्टूबर को अलगे से हड़ताल का प्रस्ताव रखा है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक अगर यह बंदी भी हो गई तो सात दिन के लिए बैंकों का कामकाज पूरी तरह से ठप हो सकता है। दो अक्टूबर को गांधी जयंती की छुट्टी की वजह से बैंक का अवकाश होगा। ऐसे में बैंकों की बंदी 26 सितंबर से दो अक्टूबर तक, सात दिनों के लिए खिंच सकती है।
बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल को केंद्रीय ट्रेड यूनियन ऑल इंडिया ट्रेडर्स यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने समर्थन दिया है। शुक्रवार को ही संगठन ने इसका एलान किया है। एआइटीयूसी के अनुसार बैंकों के विलय के जरिए सरकार निजी क्षेत्र के बैंकों को बढ़ावा देना चाहती है। इसलिए संगठन ने बैंक हड़ताल को समर्थन दिया है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि वह लोग कॉरपोरेट को समर्थन देने वाली नीतियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नेशनल कन्वेंशन की तैयारी कर रहे हैं।
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