कानपुर, सीओ बिल्हौर सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शातिर अपराधी विकास दुबे से संबंध रखने वाले अफसरों और कर्मियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। एसआइटी की संस्तुति के बाद अब एक और अफसर को निलंबित किया गया है। एसआइटी ने अपनी जांच में विकास दुबे से संबंधों के कारण भूमिका संदिग्ध बताई थी। इसके अलावा संदेह के दायरे में आए कर्मचारियों की सूची तैयार की थी।
आठ पुलिस कर्मियों की हत्या की घटना में मुख्य भूमिका निभाने वाले विकास दुबे बिकरू गांव का रहने वाला था। आस-पास के गांव में उसका जबरदस्त प्रभाव था, वह अपने चाहने वालों को ही राशन की दुकान आवंटित कराता था। गांव में वह जिस काम के लिए वह कहता था वही कार्य संबंधित गांव में होता था। आरोप है कि चौबेपुर के खंड विकास अधिकारी आलोक पांडे भी विकास दुबे से लगातार संपर्क में थे। विकास के कहने पर ही बिकरू और क्षेत्र के गांव में मनरेगा योजना, राज्य वित्त, 13 वित्त से काम करते थे।
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