किसानों का आरोप है कि पिपराईच चीनी मिल के कांटा द्वारा गन्ने का उठान और मिल द्वारा गन्ने का भुगतान सही समय से नही होने के वजह से किसानों में असंतोष व डर ब्याप्त है.की चीनी मिल पिपराईच सरकारी होने के वावजूद भी किसानों के गन्ने का भुगतान कही डूब न जाय। गन्ना समिति सर्किल संख्या 8 खानूछपरा के किसानों का यह भी आरोप लगाया है कि पेराई सत्र 2019-20 में पिपराईच कांटा कर्मचारियों द्वारा 50 किलोग्राम गन्ने की कटौती भी की जाती थी ।
एसे में यूनियन के जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने ज्ञापन के माध्यम से जिला गन्ना अधिकारी से माँग करते हुए कहा है कि किसानों की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए लक्ष्मीगंज गन्ना समिति सर्किल संख्या 8 खानूछपरा के किसानों का गन्ना ढाडा चीनी मिल को आबंटित किया जाय । जो किसान हित में होगा । यदि ऐसा नही किया गया तो हमारा यूनियन किसानों को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय को घेरने के लिये बाध्य होंगे । जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस मौके पर वरिष्ट समाजसेवी जय सिंह सैथवार, जवाहर प्रसाद, निर्भय, लालता, कौशल के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहे ।
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