सरकार ने 10 करोड़ किसानों को विस्थापित किया : मेधा पाटकर
किसान मुक्ति संसद का नेतृत्व कर रहीं मेधा पाटकर ने कहा कि यह एतिहासिक क्षण है कि देशभर की किसान महिलाएं संसद मार्ग पर आई हैं और अपना मांगपत्र पेश कर रही हैं. किसान महिलाओं की मांग है कि किसानों, कृषि श्रमिकों, आदिवासियों और भूमिहीन कृषि कामगारों के जीवनस्तर को सुधारा जाए.
उन्होंने कहा कि सरकार ने नर्मदा घाटी के किसानों सहित देशभर से करीब 10 करोड़ किसानों को बिना पुनर्वास की सुविधाएं दिए विस्थापित कर दिया है. किसानों के विकास के संबंध में कोई वैकल्पिक नीति लागू नहीं की गई. उन्होंने कहा कि किसान विकास चाहते हैं विनाश नहीं.
फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग लेकर आई किसान महिलाएं
इस दौरान संसद मार्ग पर पहुंचे लोगों में मौजूद जय किसान आंदोलन और स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव ने भी किसानों के समर्थन में कहा कि किसानों की कृषि उपज के लाभकारी मूल्य का विधेयक बने और जल्द से जल्द लागू हो. उन्होंने कहा कि किसान ही है जो पूरे देश के लिए रोजी-रोटी पैदा कर रहा है. अगर इसी को दरकिनार किया जाएगा तो सभी के लिए मुश्किलें होंगी.
इस दौरान किसान मुक्ति संसद में बीएम सिंह, सांसद राजू शेट्टी आदि भी शामिल हुए. उनका कहना है कि सरकार लगातार किसान विरोधी नीतियां ला रही है. जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए.
Leave a Reply