हिटलर के कानून से भी बदतर नागरिकता संसोधन विधेयक- सांसद असदुद्दीन ओवैसी

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नई दिल्ली। इस समय पूरे देश में नागरिकता संशोधन विधेयक का मामला छाया हुआ है। इस मुद्दे पर जमकर राजनीति भी हो रही है। सरकार ने सोमवार को लोकसभा में यह विधेयक पेश किया। विधेयक की वैधानिकता पर बहस हुई, जिसमें जांचा-परखा गया कि इस पर चर्चा हो सकती है या नहीं। इसके पक्ष में 293, जबकि विपक्ष में कुल 82 मत पड़े।

रात को बहस के दौरान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध करते हुए इसकी कॉपी फॉड़ दी। ओवैसी ने कहा कि विधेयक मजहब की बुनियाद बनाया जा रहा है। यह सुरक्षा के लिहाज से भारी भूल है। यह कानून दोबारा बंटवारे के लिए बनाया जा रहा है।

यह तो हिटलर के कानून से भी बदतर है। हम मुसलमानों का गुनाह क्या है। तिब्बत में भी मुसलमान हैं लेकिन उनका जिक्र नहीं करते हैं। चीन के मुसलमानों का जिक्र नहीं करते है क्योंकि गृह मंत्री चीन से डरते हैं। नागरिकता संशोधन विधेयक को हमें एनआरसी के नजरिए से देखने की जरूरत है।

एनआरसी में जो हिंदू छूट गए उनके लिए विधेयक लाया गया। दरअसल, ये मुसलमानों को राज्य वहीन करने की साजिश है। मैं इस बिल को फाड़ता हूं क्योंकि यह हिंदुस्तान को तोडऩे का काम करता है। हालांकि बिल फाडऩे को सदन की कार्यवाही से बाहर निकाल दिया गया।

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