केवल निजी अनुभव के आधार पर बाकायदा प्रैक्टिस और अस्पताल खोलकर मरीजों का इलाज करने का कोई नियम नही है फिर भी यह क्लीनिक और अस्पताल धड़ल्ले से चल रहा है जिसमे मरीजों की मर्ज की गंभीरता दिखाकर काफी मंहगा इलाज किया जाता है।कहने के लिए नगर मे सरकार की ओर से नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी खुला है लेकिन कई महीने से वहां पर कार्यरत चिकित्साधिकारी की ड्यूटी जिला जेल मे लगाए जाने के कारण मरीजों को झोलाछाप डाक्टरों के चक्कर काटने और मंहगा इलाज कराने को मजबूर होना पड़ता है।
ऐसा नहीं कि महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी खबर नही है क्योंकि अनेकों बार इस संदर्भ मे खबरें चल चुकी हैं फिर भी न तो कस्बे के सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जा रहा है और न ही इसप्रकार के अवैध रूप से अस्पताल चलाकर धन दोहन करने वाले झोलाछापों पर कार्यवाही की जा रही है जिससे क्षेत्र की गरीब जनता परेशान है। लोगों ने इस विषय मे जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराए जाने की मांग की है ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें।
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