इस महिला आइएएस ने गरीबों का गेहूं बेच दिया मिल मालिकों को

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8 हजार करोड़ रुपये के 35 हजार क्विंटल गेहूं के घोटाले की आरोपित

निलंबित आइएएस निर्मला मीणा के बैंक खाते और लॉकर सीज

जयपुर। राजस्थान में 8 हजार करोड़ रुपये के 35 हजार क्विंटल गेहूं के घोटाले की आरोपित निलंबित आइएएस अधिकारी निर्मला मीणा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच में मीणा और उनके पति के नाम से 17 विभिन्न बैंकों में खाते और 3 लॉकर होने की बात सामने आई है। एसीबी ने सभी बैंक खाते और लॉकर सीज कराए हैं।

पिछले तीन दिन से जांच में जुटी एसीबी को पता चला है कि राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में भी मीणा के नाम से एक फार्म हाउस है। हरिद्वार में भी एक फ्लैट किसी रिश्तेदार के नाम से होने की बात एसीबी की जांच में सामने आई है। इससे पहले शुक्रवार को एसीबी की जांच में निर्मला मीणा के नाम से जयपुर में दो, जोधपुर में पांच मकान, एक पेट्रोल पम्प, बीस बीघा जमीन और एक दुकान होने के दस्तावेज मिले हैं।

उल्लेखनीय है कि निर्मला मीणा जोधपुर में अलग-अलग समय पर 8 साल तक जिला रसद अधिकारी रहीं और इस दौरान आटा मिल मालिकों और राशन डीलरों से मिलीभगत करके फर्जी लोगों के नाम से राशन कार्ड बना दिए और फिर उनके नाम पर गेंहू आवंटित कर दिया, जो आटा मिल मालिकों तक पहुंच गया। इसके बदले मीणा को काफी पैसा मिला बताया। सरकार में पहुंची गड़बड़ी की शिकायत के बाद एसीबी ने जांच अपने हाथ में ली है।

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