अडानी विवाद: दिल्ली से हैदराबाद तक, राजनीतिक घमासान जारी!
क्या आप जानते हैं कि अडानी मुद्दे ने भारतीय राजनीति में कैसे तूफ़ान मचा रखा है? दिल्ली से लेकर हैदराबाद तक, सियासी गलियारों में इस मुद्दे पर जमकर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस और बीआरएस आमने-सामने हैं, आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, और जनता देखती ही रह गई है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर यह विवाद इतना बड़ा क्यों है और इसके क्या मायने हैं।
अडानी मुद्दा: एक राष्ट्रव्यापी विरोध
गौतम अडानी के कारोबार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच के कथित संबंधों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जोरदार हमला बोला है। ‘सूट-बूट की सरकार’ का नारा अब ‘अडानी-मोदी एक हैं’ के नारे में तब्दील हो गया है। संसद से लेकर सड़कों तक, कांग्रेस नेता इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। दिल्ली में संसद परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन हो रहा है तो वहीं, हैदराबाद में बीआरएस नेता अडानी और तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के बीच के कथित संबंधों का आरोप लगा रहे हैं।
दिल्ली का प्रदर्शन
दिल्ली में कांग्रेस के सांसद संसद परिसर में अडानी मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं, इससे संसद का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार जाँच की मांग कर रही है।
हैदराबाद में बवाल
हैदराबाद में हालात और भी गरमा गए हैं। तेलंगाना विधानसभा के बाहर बीआरएस के विधायक ‘अडानी-रेवंत भाई भाई’ लिखी टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन कर रहे थे, और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बीआरएस नेता केटी रामाराव का कहना है कि कांग्रेस दोहरा चरित्र दिखा रही है।
कांग्रेस का ‘डबल स्टैण्डर्ड’? बीआरएस का आरोप
बीआरएस का आरोप है कि कांग्रेस का अडानी मुद्दे पर दोहरा चरित्र है। एक तरफ संसद में अडानी पर हमला किया जा रहा है, और दूसरी तरफ, तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने अडानी ग्रुप से मदद ली है। यह आरोप कितना सच है, यह जांच का विषय है, लेकिन बीआरएस ने इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। केटी रामाराव ने कहा है कि कांग्रेस तेलंगाना में अपने संबंधों को छिपा रही है।
यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी विवाद
विवाद की जड़ में यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी से जुड़ा मामला भी है, जहाँ अडानी ग्रुप ने 100 करोड़ रूपये की मदद दी थी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने इस रकम को वापस करने की बात कही है।
तेलंगाना चुनावों में अडानी विवाद का प्रभाव?
यह सियासी घमासान तेलंगाना के आगामी चुनावों को भी प्रभावित कर सकता है। बीआरएस ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अडानी विवाद, परिवारवाद और अन्य मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस राजनीतिक घमासान पर कैसे प्रतिक्रिया देती है।
Take Away Points
- अडानी मुद्दा दिल्ली से हैदराबाद तक राजनीतिक बवाल का कारण बना हुआ है।
- कांग्रेस और बीआरएस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
- तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने अडानी ग्रुप से मदद ली है, इस पर बीआरएस सवाल उठा रही है।
- अडानी विवाद तेलंगाना चुनावों को भी प्रभावित कर सकता है।

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