हुवावेई को सबसे ज्यादा नुकसान गूगल एप्स न होने से: रिपोर्ट

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बीजिंग। स्मार्टफोन बनाने वाली चीन की कंपनी हुवावेई ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा रहा है। विशेष तौर पर गूगल कोर एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर, प्ले स्टोर और अन्य प्रसिद्ध एप्स जैसे सर्च और मैप्स का इसके डिवाइस पर नहीं होना इसे प्रभावित कर रहा है। हुवावेई यूएस में पब्लिक अफेयर के वाइस प्रेसिडेंट जॉन टैन के हवाले से रविवार को कहा गया, “यूरोप और साउथ-ईस्ट में कई एंड्रॉइड यूजर्स हैं। वे एंड्रॉयड फोन के शीर्ष पर इन गूगल एप्स का इस्तेमाल करते हैं।”

उन्होंने कहा, “ओपन-सोर्स होने के चलते हम एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म का उपयोग करना जारी रख सकते हैं, लेकिन हम उन सेवाओं का उपयोग नहीं कर सकते जो इस पर ऐप चलाने में मदद करते हैं।”

यूएस ट्रेड बैन के चलते गूगल एंड्रॉइड लाइसेंस हुवावेई को देने के लिए वर्जित है। इसका मतलब है कि कंपनी के डिवाइस बेस ओपन-सोर्स का इस्तेमाल तो कर सकते हैं, लेकिन उन सेवाओं का उपयोग नहीं कर सकते, जो इस पर ऐप चलाने में मदद करते हैं।

एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया गया, जिसके चलते गूगल मौजूदा हुवावे डिवाइस पर वर्तमान में चल रहे एंड्रॉयड ओएस को सपोर्ट और अपडेट करने की अनुमति देता है।

हालांकि, ट्रेड बैन के चलते भविष्य के प्रोडक्ट्स का विकास प्रभावित हो रहा है। हुवावेई खुद भी अपने ऑपरेटिंग सिस्टम हार्मनी ओएस पर काम कर रही है, लेकिन इसमें बहुत समय लगेगा।

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