सुल्तानपुर में शादी से इनकार: दूल्हे को बताया मंदबुद्धि

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शादी से इनकार! दूल्हे को बताया “मंदबुद्धि”!

एक हैरान करने वाली घटना में, सुल्तानपुर जिले में एक दुल्हन ने जयमाल के बाद शादी करने से साफ इनकार कर दिया, दूल्हे को मंदबुद्धि और कम पढ़ा-लिखा बताते हुए। यह मामला दोस्तपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद कला गांव का है। इस अचानक फैसले से शादी समारोह में हड़कंप मच गया और बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा।

दुल्हन का अचानक फैसला: पढ़ाई और समझदारी में आगे?

28 वर्षीय स्नातक दुल्हन ने अपने से 2 साल बड़े, हाईस्कूल फेल दूल्हे के साथ शादी से इनकार कर दिया। उसने कहा कि दूल्हे की तुलना में उसकी बुद्धि और शिक्षा कहीं बेहतर है। क्या सच में यही वजह थी, या पीछे कोई और कहानी छिपी है?

क्या सोच रही थी दुल्हन?

कभी सोचा है कि क्या इस दुल्हन के दिल और दिमाग में ऐसा क्या था, जिसने उसे शादी के बाद अचानक यह फैसला लेने पर मजबूर किया? क्या दूल्हे के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी? क्या समाज का दबाव भी इस घटना में भूमिका निभा रहा था?

क्या है पूरा मामला?

एक गरीब मजदूर की बेटी ने अखंडनगर के युवक के साथ अपने विवाह को अंतिम रूप दे दिया था। शादी की तारीख 17 नवंबर 2024 तय हुई। 17 नवंबर को बारात आई और जमकर स्वागत हुआ, रस्में पूरी हुईं, जयमाल भी हो गया, फिर ये सस्पेंस शुरू हुआ। जयमाल के बाद दुल्हन का ये अचानक फैसला सभी के लिए हैरानी भरा था।

दोनों पक्षों में रातभर चली बातचीत

लेकिन समझौते पर बात नहीं बनी। कई रस्मों के बाद ये पल हर किसी के लिए शॉकिंग था। दोनों परिवारों के बीच सुबह तक बातचीत होती रही, मगर मामला नहीं सुलझ पाया।

थाने में हुआ समझौता

आखिरकार मंगलवार को दोनों परिवार दोस्तपुर थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद समझौता हो गया। लड़के वाले तिलक का सामान वापस करेंगे और लड़की वाले शादी में दिए गए गहने लौटा देंगे। यह समझौता एक तरह से यह दिखाता है कि किस तरह से अनबन से जुड़े मामले का शांतिपूर्ण तरीके से निपटारा किया जा सकता है।

पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण

पुलिस की समय पर दखलंदाजी और उनकी समझदारी के कारण दोनों परिवार आपसी सहमति पर पहुंच सके। एक बड़ा झगड़ा पुलिस की वजह से छोटे में तब्दील हो गया।

Take Away Points

  • शादी से पहले जीवनसाथी के बारे में पूरी जानकारी लेना बेहद जरुरी है।
  • हर रिश्ते में सम्मान और समझदारी जरूरी है।
  • समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से करना चाहिए।
  • ऐसे मामले में परिवार और पुलिस की भूमिका अहम है।

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