RSS का फिल्म फेस्टिवल: संस्कारी फिल्मों के लिए इंडस्ट्री में एंट्री करेगा संघ

RSS का फिल्म फेस्टिवल: संस्कारी फिल्मों के लिए इंडस्ट्री में एंट्री करेगा संघ

 

 

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर उपजे विवादों के बीच आरएसएस अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आने की तैयारी कर रहा है. संघ का मानना है कि फिल्म समाज का आईना है और सामाजिक और बौद्धिक बदलाव इससे लाया जा सकता है. साथ ही साथ फिल्म ही वह सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए आज की युवा पीढ़ी में बेहतर सामाजिक मूल्य और संस्कार भी विकसित किए जा सकते हैं. इसलिए अब संघ इस दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है.

ऐसा नही है कि संघ की तरफ से पहली बार इस ओर रुझान दिखाया गया है. समय-समय पर संघ की तरफ से फिल्मों पर टिप्पणी की जाती रही है. हालांकि, इस क्षेत्र में पदार्पण का फैसला पहली बार किया गया है. मई 2017 में बीजेपी नेता और अभी गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा की किताब के आधार पर एक राजमाता विजया राजे सिंधिया पर फिल्म बनाई गई थी.

‘एक थी रानी ऐसी भी’ नाम की फिल्माई गई इस फिल्म को राजमाता सिंधिया की जीवनी को बड़ी ही खूबसूरती से उकेरा गया था. इसमें बीजेपी सांसद हेमा मालिनी और दिवंगत नेता और अभिनेता विनोद खन्ना मुख्य भूमिका में थे. इस फिल्म को संघ परिवार ने हाथों हाथ लिया था.

चित्र साधना के जरिए शुरुआतअब संघ बॉलीवुड में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए आगे आ रहा है. इस ओर पहले कदम के तौर पर संघ फिल्म फेस्टिवल का आयोजन करेगा. संघ के इस फिल्म फेस्टिवल में तड़क-भड़क वाली मुंबइया फिल्मों को नहीं, बल्कि संस्कार और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाली फिल्मों को ज्यादा तवज्जो दी जाएगी. फिल्म फेस्टिवल के आयोजन के लिए संघ ने भारतीय चित्र साधना नाम से एक विशेष संगठन बनाया है. इस संगठन का कार्य देश के अलग-अलग हिस्सों में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन कर बॉलीवुड में पैठ बनाना रहेगा.

नंद कुमार को मिली जिम्मेदारी
इसके लिए संघ ने नंद कुमार को नई जिम्मेदारी दी है. नंद कुमार संघ के तेज तर्रार स्वंयसेवक हैं और अभी प्रज्ञा प्रवाह के प्रमुख के रुप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उनके साथ दिल्ली प्रांत के सह प्रांत संघ चालक आलोक कुमार को बतौर सह संयोजक के रूप में जोड़ा गया है. इसके अलावा जिन शहरों या प्रांतों में फेस्टिवल का आयोजन होगा, वहां राज्य और स्थानीय समिति बनाई जाएगी. इस तरह का पहला आयोजन दिल्ली में 19 दिसंबर को होगा.

इससे पहले भी हो चुका है प्रयोग
इससे पहले ऐसा प्रयोग इंदौर में किया गया था. लेकिन आयोजन को उतनी सफलता नही मिली. इसलिए संघ ने भारतीय चित्र साधना के बैनर तले इसका आयोजन दिल्ली में करने का निर्णय लिया है. इसके लिए दिल्ली में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है. इस समिति में बंगाली एक्टर सुदीप्तो सेन, ऑर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर की पत्नी आयुषी केतकर, अरुण कुमार और आदित्य झा को रखा गया है.

कई शहरों में होगा आयोजन
दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में रहे आदित्य झा अभी दिल्ली बीजेपी में राजनीति कर रहे हैं तो अरुण कुमार पर दिल्ली में संघ के सह प्रचार प्रमुख का दायित्व है. सूत्र बताते हैं कि दिल्ली के अलावा संघ मुंबई, कोलकाता, जयपुर और दक्षिण के शहरों में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन करेगा.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *