सस्पेंडेड थानेदार पवन सिंह और एसआई पर मुकदमा दर्ज

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गोल्डेन कुशवाहा

इसके बाद इंसपेक्टर ने सुलह के लिए आदित्य पर दबाव बनाने के क्रम में एक से बढ़कर एक साजिशें रचनी शुरू की और खुद अपने ही जाल में फंसते चले गए। इंसपेक्टर को लाइनहाजिर व दरोगा को सस्पेंड किए जाने के बाद दोनों रविवार को थाने में भिड़ गए और हाथापाई की। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आदित्य त्रिपाठी ने एसपी कुशीनगर को तहरीर भेजी थी। तहरीर में उन्होंने कहा है कि नेबुआ नौरंगिया के एक पेट्रोल पंप पर इंसपेक्टर 50 लीटर फ्री डीजल भरवाने पहुंचे थे। मैनेजर के मना करने पर धमकी दी। पंप मालिक बीमार पिता को लेकर इलाज के लिए लखनऊ गए थे। जानकारी होने पर उन्होंने पंप एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आदित्य त्रिपाठी को परेशानी बतायी। आदित्य ने इंसपेक्टर को फोन कर जब इसकी वजह जाननी चाही तो इंसपेक्टर न केवल उन्हें बेइज्जत किया, वरन ठीक कर देने की धमकी भी दी। बातचीत की रिकार्डिंग के साथ एडीजी व एसपी तक से शिकायत की। इसकी जांच शुरू हुई तो इंसपेक्टर सुलह के लिए दबाव बनाने लगे। पहले प्रलोभन दिया फिर धमकी दी। फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी। पेट्रोल पंप मैनेजर के तहरीर पर दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज तीन दिन पहले नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में रामायण फीलिंग स्टेशन पर मैनेजर को रिवाल्वर लेकर दौड़ाने के मामले में दरोगा अजय सिंह पर केस दर्ज किया गया है। दरोगा ने पंप पर जमकर उत्पात मचाया था।

अगले दिन निलंबित होने के बाद इंसपेक्टर पवन सिंह से यह कहते हुए भिड़ गया था कि उन्हीं के कहने पर मैं पंप पर उत्पात मचाने गया था। इस मामले में पंप के मैनेजर अशोक कुशवाहा ने तहरीर दी है। मैनेजर ने बताया कि बीते शुक्रवार की रात वह पंप पर मौजूद थे तभी दरोगा अजय सिंह शराब के नशे में धुत होकर पहुंचे और बेवजह वहां डीजल व पेट्रोल भरवा रहे वाहन चालकों को धमका कर भगाना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने मना किया तो उन्हें दौड़ा लिया। मैनेजर पहुंचे तो उन्हें भी रिवाल्वर लेकर दौड़ा लिया। पूरी घटना सीसी कैमरे में रिकार्ड हो गयी। मैनेजर ने रात में ही पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने सीसी फुटेज देखने के बाद इस मामले में अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।

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