कांग्रेस और मुस्लिम लीग में कोई अंतर नहीं, कौन सी पार्टी ज्यादा सांप्रदायिक?

डेस्क। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी के कथित रूप से अवैध क्षेत्रों को ध्वस्त करने के मुद्दे पर, जिस क्षेत्र में हनुमान जयंती के अवसर पर सांप्रदायिक हिंसा देखी गई थी, उस पर उच्चतम न्यायालय द्वारा गुरुवार को सुनवाई की जाएगी।

शीर्ष अदालत के फैसले के एक दिन बाद नागरिक निकाय के निष्कासन अभियान (बुलडोजर ऑपेरशन) को रोक दिया गया था।

जैसा कि आप जानते हैं कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अभियान को भारत के संवैधानिक मूल्यों का विध्वंस बताया’,तो केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन में कोई अंतर नहीं है। “मैंने भारत में कभी भी ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं देखी जो कांग्रेस पार्टी से ज्यादा सांप्रदायिक हो।  कांग्रेस पार्टी और मुस्लिम लीग या मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन में कोई अंतर नहीं है।”

बता दें वहीं सीपीएम नेता वृंदा करात बुधवार को जहांगीरपुरी में मौजूद रहीं।  दिल्ली भाजपा ने आप पर निशाना साधा और कहा कि वह जहांगीरपुरी में “अवैध रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों” के खिलाफ डिमोशन अभियान से घबरा गई है।

साथ ही बात दें कि AAP नेताओं में सिसोदिया, राघव चड्ढा, और संजय सिंह ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास और भाजपा मुख्यालय को बुलडोजर से तोड़ने से देश हमेशा के लिए सांप्रदायिक हिंसा और दंगों से मुक्त हो जाएगा।

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