उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रमुख नदियों में अंतिम संस्कार के लिए शवों के प्रवाहित करने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस महकमे और वरिष्ठ अफसरों को नदियों के किनारे विशेष निगरानी करने के आदेश दिया है। खासकर गंगा नदी के किनारे 24 घंटे पुलिस-पीएसी और एसडीआरएफ के जवान पेट्रोलिंग करेंगे। सीएम योगी ने इस पर कड़ाई से अमल करने को कहा है। साथ ही गंगा नदी से जुड़े जिलों में मिलने वाले शवों का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। जनपदों से मिले आंकड़ों के अनुसार वाराणसी में 7, गाजीपुर में 15, चंदौली व बलिया में 8 शव मिले थे। राज्य सरकार ने इन सभी का पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्काार कराया दिया है।
मुख्यमंत्री योगी ने जिला प्रशासन व पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया हैं कि गांवों एवं घाटों के आसपास के इलाकों में ध्वनि प्रसार यंत्रों और पीए सिस्टम के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। अंतिम संस्कार के लिए सरकार की योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी जाए। इसके तहत शासन की तरफ से वंचितों को शवों के अन्तिम संस्कार के लिए 5 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही कोविड-19 संक्रामित शवों का अन्तिम संस्कािर कोविड प्रोटोकॉल के अन्तर्गत किए जाने के आदेश जारी किया गया है।
बिहार का बक्सर जिला यूपी का सीमावर्ती है। शव विसर्जन की घटनाएं न हो, इसके लिए पुलिस ने नदी के किनारों एवं नदी में गस्त बढ़ा दी है। नदी में मृत शरीर को फेंके जाने की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस, लेखपाल व राजस्व अधिकारी ग्राम प्रधानों के साथ बैठके कर रहे हैं। उन्हें अन्तिम संस्कार के सम्बन्ध में सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसका प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से भी करवाया जा रहा है।
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