संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी स्पीच में न सिर्फ कश्मीर का राग अलापा बल्कि भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला। इसके बाद भारतीय राजनयिक ने अपने दमदार तर्कों से उसी मंच पर पाकिस्तान के एक-एक झूठ की धज्जियां उड़ा दी। संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रटरी स्नेहा दुबे ने राइट टु रिप्लाई के तहत पाकिस्तान को न सिर्फ आतंकवाद और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर आईना दिखाया, बल्कि उसे तत्काल कश्मीर में अपने अवैध कब्जे को खाली करने को भी कहा। आइए देखते हैं वे 6 मुद्दे, जिनको पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने उठाए और भारत ने उन पर करारा जवाब दिया।
पाकिस्तान का कोई नेता संयुक्त राष्ट्र में बोले और भारत के खिलाफ जहर न उगले यह कैसे हो सकता है। इमरान खान का भाषण भी ऐसा ही रहा। उन्होंने इस्लामोफोबिया, मॉब लिंचिंग, दिल्ली दंगे जैसे मुद्दे उठाकर यह झूठा नैरेटिव सेट करने की कोशिश की कि भारत में अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं। कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन की बात की और भारत के खिलाफ जहर उगला। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने जैसे भारत के विशुद्ध आंतरिक मसले पर उनकी बौखलाहट अब भी नहीं गई है। आतंकवाद का पालनहार पाकिस्तान उल्टे भारत पर आतंकवाद का आरोप लगाए तो इससे बड़ी हास्यास्पद बात क्या होगी, लेकिन इमरान ने यही किया।
भारत का जवाब- पाकिस्तान अपनी बदहाली से ध्यान हटाने की कर रहा कोशिश
यूएन में राइट टु रिप्लाई के तहत भारत की फर्स्ट सेक्रटरी स्नेहा दुबे ने कहा, ‘पाकिस्तान के नेता ने मेरे देश के आंतरिक मामलों को इस मंच पर उठाकर भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश की है। वह वैश्विक मंचों पर हमारे खिलाफ लगातार झूठ फैला रहे हैं। दुर्भाग्य से यह कोई पहली बार नहीं हुआ है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की तरफ से मुहैया कराए गए इस प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग भारत के खिलाफ झूठे और द्वेषपूर्ण दुष्प्रचार के लिए किया है और इस तरह लोगों का ध्यान पाकिस्तान के बुरे हाल से हटाने की कोशिश की है। पाकिस्तान में आतंकवादियों को फ्री पास मिला हुआ है और आम लोगों खासकर अल्पसंख्यकों की जिंदगी नरक बन गई है।
भारत ने कायम किया है ‘आतंक का राज’- इमरान
इमरान खान ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में 9 लाख भारतीय सैनिकों ने ‘आतंक का राज’ कायम किया है। उन्होंने भारत पर 13 हजार कश्मीरियों के अपहरण और उनमें से सैकड़ों पर आत्याचार के भी आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। इमरान ने कश्मीर के अलगाववादी नेता अली शाह गिलानी का जिक्र किया और भारत पर आरोप लगाया कि उनका अंतिम संस्कार भी इस्लामी रीति-रिवाज से नहीं होने दिया गया।
आतंकियों का पनाहगाह है पाकिस्तान, आतंकवाद उसकी स्टेट पॉलिसी- भारत
भारतीय राजनयिक ने कहा, ‘सदस्य देशों को पता है कि पाकिस्तान की नीतियां और उसका इतिहास रहा है आतंकवाद को पनाह देने, मदद करने और आतंकवादियों को पूरा समर्थन देने का। यह ऐसा देश है जिसकी दुनिया में पहचान आतंकवादियों को खुलेआम समर्थन, ट्रेनिंग, फंडिंग और हथियार देने वाले की है। यह उसकी नीति का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से घोषित सबसे ज्यादा आतंकवादी पाकिस्तान में हैं।’
स्नेहा दुबे ने कहा, ‘9/11 आतंकी हमले के 20 साल हो चुके हैं। दुनिया यह नहीं भूली है कि इस हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में पनाह मिली थी। पाकिस्तानी नेतृत्व अब भी उसे एक शहीद के तौर पर ग्लोरीफाई करना जारी रखा है। दुर्भाग्य से आज भी पाकिस्तान के नेता आतंकी कृत्यों को सही ठहराने की कोशिश करते रहते हैं। आधुनिक युग में आतंकवाद का इस तरह बचाव बिल्कुल नामंजूर है।’
Leave a Reply